चांशल में बर्फबारी न होने से पर्यटन योजना पर संकट

Himachal News: चांशल से रूठी बर्फ, घाटी को विश्व मानचित्र पर लाने की फिसल रही योजना
हिंदी टीवी, रोहड़ू। Published by: Megha Jain Updated Mon, 29 Dec 2025
रोहड़ू उपमंडल की प्रसिद्ध चांशल घाटी में करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर सड़क सुविधा मिलने के बाद सर्दियों में बर्फ नहीं पड़ने से पर्यटन और साहसिक खेलों पर विराम लगता जा रहा है।
कुछ वर्षों से चांशल से बर्फ रूठ गई है, जिससे घाटी को विश्व मानचित्र पर लाने की योजना फिसलती नजर आ रही है। रोहड़ू उपमंडल की प्रसिद्ध चांशल घाटी को शीतकालीन साहसिक खेलों के लिए विश्व मानचित्र पर लाने की योजना थी, लेकिन मौसम के बदलाव और हिमपात की कमी के कारण इस योजना पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है। करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर सड़क सुविधा मिलने के बाद सर्दियों में बर्फ नहीं पड़ने से पर्यटन और साहसिक खेलों पर विराम लगता जा रहा है। पहले सड़क की कमी के कारण योजना आगे नहीं बढ़ रही थी, अब बर्फ न पड़ने और मौसम के बदलाव ने योजना को रोक दिया है।
पहले चांशल घाटी में नवंबर के पहले सप्ताह से हिमपात शुरू हो जाता था। यानी मार्च तक कई क्रम में घाटी पर आठ से 15 फीट तक बर्फबारी वर्ष 2014 तक दर्ज की गई, लेकिन बीते चार साल से हिमपात का क्रम लगातार घटता जा रहा है। लंबे अरसे बाद इस साल चांशल में एक इंच बर्फ भी दिसंबर महीने में देखने को नहीं मिल रही। स्थानीय पर्यटन विभाग और विशेषज्ञों ने चांशल घाटी का साहसिक खेलों के लिए चयन उच्च गुणवत्ता वाले स्की ढलानों के चलते कई साल पहले किया था, जिसे संभावित रूप से एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक स्की स्लोप के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी।














