हिमाचल: पुलिस पर भीड़ का हमला, चरस के दो आरोपी छुड़ाए; पंचायत प्रधान पर केस

हिमाचल: चरस बरामद करने गई पुलिस पर भीड़ का हमला, दो आरोपियों को छुड़ाया; पंचायत प्रधान समेत कई लोगों पर केस
हिंदी टीवी, कुल्लू। Published by: Megha Jain Updated Mon, 19 Oct 2026
कुल्लू के लगवैली स्थित जकरेहड़ में चरस बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, करीब 30 से 40 लोगों ने दो आरोपियों और बरामद चरस को जबरन छुड़ा लिया। मौके पर बची 508 ग्राम चरस कब्जे में लेकर पंचायत प्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
लगवैली के जकरेहड़ में चरस बरामद करने के लिए पहुंची पुलिस की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया और दो आरोपियों को छुड़ा ले गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना शनिवार की है। पुलिस के मुताबिक 17 अक्तूबर को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों से चरस बरामद की गई थी। इसी बीच क्षेत्र की एक पंचायत प्रधान, उसके पति और उपप्रधान समेत स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि करीब 30 से 40 लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया तथा आरोपियों व चरस को जबरन अपने साथ ले गए। मौके पर बची 508 ग्राम चरस पुलिस ने कब्जे में ले ली है। दरअसल पुलिस की डिटेक्शन सेल को शनिवार सुबह करीब 10:20 बजे सूचना मिली कि दो लोग पैदल कुल्लू की ओर चरस लेकर आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अब पंचायत स्तर पर संदिग्ध नेटवर्क की पहचान की जाएगी। प्रदेश सरकार के निर्देशों पर पुलिस पंचायतीराज विभाग सहित अन्य विभागों के सहयोग से कार्रवाई करेगी। तस्करों के संपर्कों, आपूर्ति नेटवर्क और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक, आर्थिक या सामाजिक प्रभाव के आधार पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में एनडीपीएस कानून के तहत 5642 मामले दर्ज कर 8250 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों की आर्थिक ताकत पर चोट करने के लिए वर्ष 2024 से 2026 के दौरान 115 मामलों में करीब 90.75 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, नूरपुर में 14 मामलों में 22.28 करोड़, सोलन में 15 मामलों में 17.86 करोड़ और शिमला में 16 मामलों में 12.61 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गईं। ऊना में 10.98 करोड़, सिरमौर में 8.84 करोड़, कांगड़ा में 6.24 करोड़, बद्दी में 5.12 करोड़, मंडी में 3.62 करोड़, बिलासपुर में 2.19 करोड़, देहरा में 89.65 लाख और कुल्लू में 19.02 लाख रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। इनका कुल मूल्य करीब 90.75 करोड़ है। पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत दिसंबर 2025 तक 46 बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर करीब 46 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गईं।
सरकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई...चिट्टे के खिलाफ अभियान में 139 सरकारी कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आए। इनमें राज्य सरकार के 15 और पुलिस विभाग के 22 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।















