‘उन्हें ऐसी जगह गोली मारी जाए…’, संभल हिंसा पर हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार का बड़ा बयान

‘उन्हें ऐसी जगह गोली मारी जाए…’, संभल हिंसा पर हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार का बड़ा बयान
हिंदी टीवी न्यूज़, शिमला Published by: Megha Jain Updated Thu, 28 Nov 2024
संभल हिंसा (Sambhal Violence News) पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को नई तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी गोलियां बनाई जाएं जिससे लोगों को चोट तो पहुंचे लेकिन उनकी मौत न हो। इससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है।
सरकार को नई योजना बनानी चाहिए- शांता कुमार
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गंभीर समस्याओं के संबंध में नई तकनीक के आधार पर सरकार को नई योजना बनानी चाहिए। कोई घटना घटती है तो इसके पीछे अंदर ही अंदर शरारती तत्व योजना बनाते रहते है। सरकार को सही और पूरी सूचना नहीं मिलती।
‘ऐसी गोली मारी जाए जिससे बस चोट लगे’
शांता कुमार ने कहा कि विज्ञान और तकनीक बहुत आगे जा चुके है। ऐसे स्थान पर गैर कानूनी तरीके से भीड़ इक्कठी न होने दी जाए। जो लोग कानून का उलंघन करके आगे आएं, उन पर ऐसी गोली मारी जाए। जिससे केवल कमर से नीचे इतनी चोट पहुंचे कि व्यक्ति खड़ा न हो सके। किसी के मरने की नौबत न आए परंतु चोट इतनी भयंकर लगे कि व्यक्ति लड़खडाता हुआ भाग जाए।
शांता कुमार ने सुनाई फलदार पौधे और बंदर की कहानी
शांता कुमार ने कहा मेरे घर के आंगन में फलदार पौधे लगे है। हर मौसम में बढ़िया फलों का आनंद लेता हूं। परंतु इन फलों को बंदरों से बचाना पड़ता है, बहुत सावधानी और चौकसी करनी पड़ती है। एअर गन रखी है, उसे देखते ही बंदर भाग जाते है। यदि कभी निशाना ठीक लग जाए तो बंदर लड़खड़ाते हुए भागते है और दोबारा कई दिनों तक इस तरफ देखते भी नही।
उन्होंने कहा कि इस की गोली से कोई मरता नही लेकिन चोट इतनी भयंकर लगती है कि वह कई दिन तक इस तरफ देखता भी नही। संभल के सारे समाचारों को पढ़ने के बाद मेरे मन में विचार आया, यदि में एक गन से पास के जंगल के बंदरों से अपने फल बचा लेता हूं, तो इसी प्रकार की और भी बढ़िया तकनीक से संभल जैसे दंगों में उन लोगों को रोका क्यों नहीं जा सकता।
शांता ने गृह मंत्री से किया ये आग्रह
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दंगें करने वाले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। लाखों करोड़ों की संम्पत्ति और निर्दोष लोगों का जीवन नष्ट हो जाता है। उन्होंने देश के गृह मंत्री से विशेष आग्रह किया है कि विज्ञान की नई तकनीक से कहीं भी भीड़ इक्कठी न होनी दी जाए। यदि भीड़ इक्कठी नहीं होगी, तो आगजनी तक की सारी कार्यवाही रूक जाएगी।














