हिमाचल हाईकोर्ट: अनुबंध सेवा पेंशन व वेतन वृद्धि में शामिल, अन्य अहम फैसले जारी

Himachal: अनुबंध सेवा को पेंशन लाभों और वेतन वृद्धि के लिए गिनने के आदेश, जानें हाईकोर्ट के अन्य फैसले
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Fri, 01 May 2026
हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को असांविधानिक करार देने के बाद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को असांविधानिक करार देने के बाद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने अंजना और अन्य मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से बनाया गया यह कानून कानूनी कसौटी पर टिकने योग्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वे कर्मचारी जो अनुबंध नीति के तहत नियुक्त हुए थे और बिना किसी ब्रेक के नियमित हुए हैं, उनकी अनुबंध अवधि को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के लिए अर्हक (पात्रता) सेवा के रूप में गिना जाएगा।
अनुबंध अवधि के पिछले एरियर का भुगतान नहीं होगा
अनुबंध अवधि के दौरान की वार्षिक वेतन वृद्धियों को काल्पनिक आधार पर जोड़ा जाएगा, इससे सेवानिवृत्ति के समय अंतिम आहरित वेतन का सही निर्धारण हो सके। हालांकि, अनुबंध अवधि के पिछले एरियर का भुगतान नहीं होगा। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति आरएंडपी नियमों के तहत खुली प्रतियोगिता या बैचवाइज आधार पर हुई थी, उन्हें नियमित होने पर वरिष्ठता और वित्तीय लाभ उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से ही मिलेंगे। अदालत ने कहा कि जहां नियुक्ति प्रक्रिया नियमित भर्ती के समान नहीं थी, वहां अनुबंध अवधि को वरिष्ठता के लिए नहीं गिना जाएगा, लेकिन पेंशन के लिए इसका इस्तेमाल होगा। वित्तीय लाभों का दावा करने में देरी की स्थिति में लाभों का दावा करने की तिथि से 3 वर्ष पहले तक सीमित किया जा सकता है, सिवाय उन मामलों के जहां अदालत ने पहले ही पूर्ण लाभ देने का आदेश दिया हो।














