Chandigarh: पीएम की अपील से सराफा बाजार में मंदी और रोजगार की चिंता

पीएम की सोना खरीद टालने की अपील: सराफा बाजार में चिंता की लकीरें बढ़ी, मंदी आने व कारीगरों की आजीविका की फिक्र
हिंदी टीवी, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Tue, 12 May 2026
सराफा कारोबारियों के मुताबिक सोने की मांग कम होने का सीधा असर छोटे दुकानदारों, कारीगरों और डिजाइनिंग से जुड़े श्रमिकों पर पड़ेगा। हरियाणा के कई जिलों में हजारों परिवार इस उद्योग पर निर्भर हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद हरियाणा के सराफा बाजारों में हलचल बढ़ गई है। अंबाला, यमुनानगर, जींद और सोनीपत के व्यापारियों ने इस पहल को देशहित में बताया लेकिन कारोबार पर संभावित बड़े असर को लेकर चिंता भी जताई है।
पहले से बढ़ती कीमतों के कारण सुस्त पड़े बाजार में अब निवेश आधारित खरीदारी और घटने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि शादी-ब्याह और पारिवारिक जरूरतों के कारण पूरी तरह खरीद बंद होना संभव नहीं लेकिन निवेशक वर्ग खरीद टाल सकता है।
छोटे कारोबारियों पर सबसे बड़ा संकट
सराफा कारोबारियों के मुताबिक सोने की मांग कम होने का सीधा असर छोटे दुकानदारों, कारीगरों और डिजाइनिंग से जुड़े श्रमिकों पर पड़ेगा। हरियाणा के कई जिलों में हजारों परिवार इस उद्योग पर निर्भर हैं। व्यापारियों ने सरकार से आग्रह किया कि विदेशी मुद्रा बचत के साथ रोजगार सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाए क्योंकि लंबे समय तक मंदी से स्थानीय बाजार और पारंपरिक आभूषण उद्योग दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
पीएम की तरफ से यह देशहित में लिया गया फैसला है, क्योंकि भारतीय सोना खरीदते हैं तो उसके एवज में विदेशी मुद्रा बहुत ज्यादा जा रही है। इससे भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। यह देशहित में नहीं है। इसके विकल्प में सरकार से बातचीत करके रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। -डॉ. जोगिंदर वर्मा, प्रदेशाध्यक्ष स्वर्णकार सेवासंघ, हरियाणा।















