पंजाब बंद: मोहाली में हाईवे जाम, रेल सेवा प्रभावित नहीं

Punjab Bandh Live: मोहाली में हाईवे जाम, रेल सेवा पर असर नहीं; जाने के लिए हाथ जोड़ते दिखे लोग
हिंदी टीवी न्यूज,चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Fri, 21 Aug 2026
Punjab Bandh Today News Live : कौमी इंसाफ मोर्चा सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई, जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल की मांग कर रहा है। बंद को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया है।
फिरोजपुर छावनी की चुंगी नंबर-7 पर धरना
फिरोजपुर छावनी की चुंगी नंबर-7 पर सिख जत्थेबंदियों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। धरने के चलते फिरोजपुर से लुधियाना, दिल्ली, जालंधर और फाजिल्का जाने वाले प्रमुख राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क मार्ग बंद किए जाने के कारण दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को काफी समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा, जबकि कुछ वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया। सड़क बंद होने के कारण रोजाना कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को भी दिक्कतें आईं। धरने के चलते क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए अतिरिक्त समय लगाना पड़ा।
पठानकोट में मिला जुला असर
कौमी इंसाफ मोर्चा की पंजाब बंद कॉल का असर पठानकोट में मिला जुला रहा। शहर के सभी मुख्य बाजार आम दिनों की तरह सुबह से खुले दिखे। जबकि प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट बस बंद दिखी। सरकारी बस चालकों ने भी समर्थन किया। निजी स्कूलों के प्रबंधकों ने भी सुबह-सुबह अभिभावकों को छुट्टी का मैसेज भेज दिया था। पठानकोट के बस स्टैंड पर भी आम दिनों की तरह भीड़ नजर नहीं आई। सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक बस स्टैंड खाली पड़ा रहा। सरकारी बसें भी स्टैंड पर नहीं पहुंची। रशपलवा टोल प्लाजा भी किसानों ने बंद रखा। अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर 2 बजे के बाद सभी बसें आम दिनों की तरह चलेंगी।
मोगा में साफ तौर पर दिखा पंजाब बंद का असर
मोगा के बस स्टैंड चौक पर अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों और सिख जत्थेबंदियों के सदस्य एकत्रित हुए और मुख्य चौक को बंद कर सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। मोगा में प्रदर्शन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।
गांव डगरू के पास लुधियाना-फिरोजपुर रोड जाम रहा। निहाल सिंह वाला का मुख्य चौक भी जाम किया गया। अजीतवाल में लुधियाना-फिरोजपुर रोड और बाघापुराना का मुख्य चौक भी बंद रहा। वहीं, धर्मकोट के गांव जलालाबाद के पास मोगा-जालंधर रोड पर भी यातायात बाधित रहा।
बंद के आह्वान के चलते मोगा शहर के बाजार पूरी तरह बंद नजर आए। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से जिले के अलग-अलग इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था और अमन-शांति बनाए रखी जा सके।
अबोहर-जलालाबाद में बंद का व्यापक असर
पंजाब बंद के आह्वान का अबोहर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। शहर के लगभग सभी बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। बंद के दौरान कुछ सरकारी बसें चल रही हैं, जबकि प्राइवेट बसों का संचालन बंद है।
वहीं, बंद का रेल सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है और रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं। बैंक भी खुले हैं और आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। पंजाब बंद का आह्वान सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया गया है। वहीं जलालाबाद में बंद को पूर्ण समर्थन मिला है। दुकानें, व्यापारिक संस्थान, प्राइवेट स्कूल और कोचिंग सेंटर पूर्ण तौर पर बंद हैं।
अमृतसर में भी दिखा पंजाब बंद का व्यापक असर
बंदी सिंहों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से पंजाब बंद के आह्वान का अमृतसर में भी व्यापक असर देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और झंडे थे। इस दौरान वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला भी नजर आया। लाउडस्पीकर से लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई।
बंद के चलते कई स्थानों पर बाजार, दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने ‘बंदी सिंह रिहा करो’ समेत कई नारे लगाए। सिख नेता भाई मुहकम सिंह ने केंद्र सरकार से सिखों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पहले भाई गुरबख्श सिंह और सूरसिंह खालसा ने लंबी भूख हड़ताल की थी। अब कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहा है।
भाई मुहकम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारों की ओर से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और बंदी सिंहों को रिहाई के साथ पैरोल भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने कारोबार बंद रखकर एकजुटता का संदेश दिया है।
दूसरी ओर भाई रणजीत सिंह ने दावा किया कि पंजाब बंद को लोगों का समर्थन मिला और कई जगह दुकानें, कारखाने, पेट्रोल पंप व कुछ बैंक भी बंद रहे। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और सड़कें जाम की गईं। उनके अनुसार पंजाब बंद का आह्वान दोपहर दो बजे तक किया गया था। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई का संघर्ष जारी रहेगा और भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल मिलने की भी उम्मीद है।
लालड़ू में बंद का मिला जुला असर
पंजाब बंद के आह्वान का लालड़ू , हंडेसरा सहित आस पास इलाके में असर देखने को मिला। अकाली दल वारिस पंजाब ने इस बंद का समर्थन किया। अंबाला चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित लालड़ू क्षेत्र में आवाजाही सुचारू थी जबकि अंबाला नारायणगढ़ मार्ग पर स्थित हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य निरमैल सिंह जौला के नेतृत्व में जाम लगाया गया। सुबह से ही लालड़ू मंडी व हंडेसरा बाजार की दुकानें, प्राइवेट स्कूल पूरी तरह बंद थे। जबकि कैमिस्ट, डाक्टर, दूध डेयरी की दुकानें और सरकारी संस्थान खुले थे। निरमैल सिंह जौला ने कहा कि बंदी सिंह अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में विभिन्न सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है।
जालंधर में बंद का व्यापक असर
जालंधर में बंद का असर दिखा है। सिख संगठन गुरु नानक मिशन चौक सहित विभिन्न इलाकों में धरना लगाकर बैठ गये हैं। बाजार और मुख्य मार्ग भी पूरी तरह से बंद हैं। प्रमुख बाजारों और चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
मुक्तसर में बंद को भरपूर समर्थन
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान पर मुक्तसर पूरी तरह बंद रहा। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की दुकानों सहित मेडिकल स्टोर खुले रहे। बस स्टैंड से किसी भी रूट पर बसें रवाना नहीं हुईं। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार, व्यावसायिक संस्थान और हाईवे पर यातायात बंद रहा, जबकि एम्बुलेंस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।
शहर के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बस स्टैंड भी यात्रियों से खाली नजर आया और बंद के दौरान वहां केवल इक्का-दुक्का यात्री ही दिखे। सड़क यातायात बंद रहने के दौरान रेल यातायात सुचारू रूप से चलता रहा।
शहर में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मोहाली बस अड्डे पर थमा बसों का पहिया
बंद की कॉल का मोहाली में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते मोहाली बस अड्डे पर सरकारी और निजी बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा रहा।
बंद के मद्देनजर मोहाली पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डीएसपी हरसिमरन सिंह बाल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मोहाली के अलग-अलग स्थानों पर करीब 1500 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
कोटकपूरा में पंजाब बंद का मिला-जुला असर
कोटकपूरा में कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। हालांकि शहर के ज्यादातर बाजारों में दुकानें बंद हैं, लेकिन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी है। ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान बत्तियां वाला चौक में सिख संगठनों की ओर से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर बातचीत करते हुए अकाली दल वारिस पंजाब के सीनियर नेता रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चे की प्रमुख मांगों में जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा को तुरंत पांच दिन की पैरोल देना शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले 10 दिन की पैरोल की मांग की जा रही थी, लेकिन बातचीत के बाद पांच दिन की पैरोल पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को रिहा करने, सांसद अमृतपाल सिंह खालसा समेत अन्य सिख नेताओं पर दर्ज झूठे मामलों को रद्द कर उन्हें रिहा करने की भी मांग की जा रही है।















