हिमाचल: दो मेडिकल कॉलेज PGI की तर्ज पर होंगे विकसित

स्वास्थ्य सेवाएं: पीजीआई की तर्ज पर विकसित होंगे हिमाचल के दो मेडिकल काॅलेज, सरकार ने शुरू की तैयारी
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Tue, 20 Oct 2026
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दो मेडिकल कॉलेजों को पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है।
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दो मेडिकल कॉलेजों को पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। योजना के तहत ऊपरी हिमाचल के लिए शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और निचले हिमाचल के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा या हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में से किसी एक का चयन किया जा सकता है। इन संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के मरीजों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
चयनित मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा
गंभीर बीमारियों के उपचार, जांच और विशेषज्ञ परामर्श के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों का रुख न करना पड़े, इसके लिए चयनित मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। हालांकि, कॉलेजों के अंतिम चयन और योजना के क्रियान्वयन को लेकर आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। चयनित मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनरी स्थापित करने के साथ जांच सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। अत्याधुनिक लैब विकसित होने से जटिल बीमारियों की पहचान और समय पर उपचार में मदद मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न विशेषज्ञ के डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
छह मेडिकल कॉलेजों में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि हिमाचल में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। दो मेडिकल कॉलेजों में पीजीआई की तर्ज पर सेवाएं दी जानी हैं। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से मरीजों को उपचार की सुविधाएं दी जा रही हैं। दो संस्थानों को विशेष रूप से आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है। इससे विशेषज्ञ उपचार की उपलब्धता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में मदद मिलने की संभावना है।















