Himachal: लाहौल के लाल सेब की देशभर में बढ़ी मांग, मिल रहे अच्छे दाम

हिमाचल: देश की मंडियों में पहुंचा लाहौल का लाल रसीला सेब, गुणवत्ता और स्वाद ने बढ़ाई मांग; मिल रहे अच्छे दाम
हिंदी टीवी न्यूज, उदयपुर/लाहौल स्पीति। Published by: Megha Jain Updated Thu, 22 Oct 2026
लाहौल घाटी में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है और बागवानों को पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर दाम मिल रहे हैं। कुल्लू और शिमला में कम पैदावार के चलते लाहौली सेब की मांग बढ़ी है तथा 20 किलो की पेटी 1300 से 1500 रुपये तक बिक रही है। घाटी में करीब 1150 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब उत्पादन हो रहा है।
लाहौल घाटी का लाल रसीला सेब अब देश की मंडियों में पहुंचने लगा है। इस बार सेब के बेहतर दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिले हुए हैं। घाटी में सेब सीजन ने जोर पकड़ लिया है और दूसरे राज्यों के बड़े व्यापारी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। व्यापारियों की बढ़ती आवाजाही से लाहौली सेब की मांग में भी तेजी आई है।
जानकारी के अनुसार, इस बार घाटी के 70 फीसदी से अधिक बागवानों ने अपने बगीचे ठेके पर दे रखे हैं। प्रदेश में सेब की कम पैदावार के कारण लाहौल के सेब को बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं। कुल्लू और शिमला में इस बार फसल कम होने से लाहौली सेब की मांग बढ़ी है। वर्तमान में घाटी में 20 किलो सेब की पेटी 1300 से 1500 रुपये तक बिक रही है। यह भाव पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर बताए जा रहे हैं।
1150 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा सेब उत्पादन
बागवानी विभाग लाहौल से मिली जानकारी के अनुसार, घाटी में पिछले दो दशकों से सेब उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में लाहौल घाटी के लगभग 1150 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब की खेती की जा रही है। बागवानी क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय किसानों और बागवानों के लिए सेब एक महत्वपूर्ण आय का साधन बन रहा है।















