मेरठ नीला ड्रम कांड: मुस्कान ने बेटी को सौरभ से रखा दूर, दस्तावेजों से भी नाम गायब

मेरठ नीला ड्रम कांड: बेटी को सौरभ से दूर रखती थी मुस्कान, दस्तावेजों में भी नहीं है नाम; पीहू के स्केच से गायब
हिंदी टीवी न्यूज, मेरठ। Published by: Megha Jain Updated Sat, 31 Oct 2026
मेरठ के नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड में एक और खुलासा हुआ है। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली कातिल मुस्कान बेटी पीहू को सौरभ से दूर रखती थी। गुरुवार को पुलिस ने मकान की सील खोली तो सच्चाई सामने आई। पीहू की बनाई ड्राइंग और पेंटिंग्स में भी सौरभ कहीं नहीं है।
मेरठ के जिस मकान में नीला ड्रम हत्याकांड हुआ था बृहस्पतिवार को उसकी सील पुलिस ने खोल दी। सौरभ की मां रेनू देवी और भाई राहुल उर्फ बबलू उनका सामान तो ले गए, लेकिन वे पीहू और मुस्कान का सामान वहीं छोड़ गए।
पुलिस ने घर के एक-एक सामान और तस्वीरों को देखा तो पता चला कि घर में किसी तस्वीर में सौरभ नहीं है। जब पुलिस ने इस बारे में परिजनों से पूछा तो उन्होंने बताया कि मुस्कान नहीं चाहती थी कि उसकी बेटी पीहू अपने पिता सौरभ से प्यार करे।
वह पीहू की जिंदगी से सौरभ को पूरी तरह गायब कर वहां अपने प्रेमी साहिल की जगह बनाना चाहती थी, ताकि बच्ची केवल साहिल को याद रखे। इस किराये के मकान में पीहू के खिलौने, कपड़े, पालना और झूला तो मौजूद हैं लेकिन पूरे परिवार की एक भी तस्वीर या निशानी नहीं है।
पीहू की किताबों और घर में मिली तस्वीरों में कहीं भी सौरभ का चेहरा नहीं है। यहां तक कि पीहू की ड्राइंग कॉपी में सिर्फ मां-बेटी के स्केच बने हैं और कमरे की दीवारों पर पीहू द्वारा बनाई गई चाइल्डहुड पेंटिंग्स से भी पूरा परिवार गायब है।
आधिकारिक दस्तावेजों से भी काटा नाम
सलाखों के पीछे बंद मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल फांसी के फंदे से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे चुके हैं। दोनों वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से लगातार संपर्क में हैं और हाईकोर्ट में अपील दायर करने की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। इस बीच आरोपी मुस्कान जेल प्रशासन से लगातार बेटी पीहू से मिलने की मांग भी कर रही है।
ये सामान ले गए सौरभ के परिजन
परिजनों ने सौरभ के कपड़े, फर्नीचर, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान उस मकान से निकाल लिया, लेकिन पीहू और मुस्कान के कपड़े, खिलौने छोड़ दिए। सौरभ के बैग, कपड़े, मिक्सी, गैस, बर्तन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, प्रेस, स्पीकर, टीवी, लकड़ी की अलमारी, लकड़ी का पलंग, दो गद्दे, कपड़ों का स्टैंड, सिंगल बेड, ट्रॉलीबैग, जूते, पंखा, पर्दा, अलमारी, रूम हीटर, इन्वर्टर, बैटरी, मोबाइल चार्जर, स्टील का ड्रम, बर्तन, चांदी के बिछवे, चांदी की पायल, मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, सौरभ का एटीएम कार्ड, 1 सोने का लॉकेट, 14,500 रुपये कैश लिए हैं।
नीला ड्रम केस: मुस्कान-साहिल की जेल अलग करने की मांग, सौरभ की मां का गंभीर आरोप
मेरठ के सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेल में रखने की मांग उठी है। सौरभ की मां रेनू देवी कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित और परिवार की एक अन्य सदस्य के साथ चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंचीं और वरिष्ठ जेल अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान रेनू देवी ने अपने बड़े बेटे के एक्सीडेंट को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेल में रखने की मांग को लेकर सौरभ की मां रेनू देवी और कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंचीं। उनके साथ सौरभ की बुआ भी थीं। तीनों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। इस दौरान रेनू देवी ने आरोप लगाया कि मुस्कान और साहिल के परिवार के लोग एकजुट होकर उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने अपने बड़े बेटे राहुल उर्फ बबलू का एक्सीडेंट कराने का आरोप भी लगाया।
जेल अधीक्षक से मुलाकात कर उठाई अलग जेल की मांग
सौरभ की मां रेनू देवी और कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित ने मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेल में रखने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ जेल अधीक्षक से मुलाकात की। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इस मांग पर क्या निर्णय लिया गया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
कातिल मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को 14 अक्तूबर 2026 को मृत्युदंड की सजा सुनाई। जिला जज ने 30 सितंबर 2026 को 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था।
नीले ड्रम में शव के टुकड़े चिनकर घूमने चले गए थे
इंद्रानगर निवासी सौरभ ने ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान से 2016 में प्रेम विवाह किया था। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में थे फिर बाद में लंदन में नौकरी करने लगे थे। मुस्कान मेरठ में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान के अपने पुराने दोस्त साहिल शुक्ला से करीबी संबंध बन गए। 24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी छह साल की बेटी और पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से आए थे।
संबंधों में बाधा बनने पर मुस्कान ने नशे की गोलियां देने के बाद प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की तीन मार्च 2025 की रात हत्या कर दी थी। उसके शव के टुकड़े नौले ड्रम में भरकर सीमेंट से चिन दिए और दोनों हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कसौल में घूमने चले गए थे। मुस्कान अपने साथ सौरभ का मोबाइल भी लेकर गई थी। वह यह दर्शाना चाहती थी कि वह सौरभ के साथ घूमने गई थी।
दोनों के वहां से लौटने पर 18 मार्च 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। तभी से दोनों जेल में हैं। मुस्कान ने 24 नवंबर 2025 को जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया। बड़ी बेटी पीहू अपने नाना-नानी के पास रहती है। 12 मई 2025 को जांच पूरी कर करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
साक्ष्य छिपाने पर सात साल की सजा, जुर्माना भी
जिला जज ने दोनों दोषियों को बीएनएस में हत्या की धारा 103 (1) और साझा इरादे के अपराध की धारा 3 (5) में मृत्युदंड व साक्ष्य छिपाने के अपराध बीएनएस की धारा 238 (ए) में सात वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर हत्या में 50-50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने में 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न जमा करने पर पांच और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।














