Shubhkaran Singh की बहन को पंजाब पुलिस में मिलेगी नौकरी

Shubhkaran Singh की बहन को पंजाब पुलिस में मिलेगी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने एक करोड़ के मुआवजे का भी किया था एलान
किसान आंदोलन के दौरान खनौरी बॉर्डर पर 21 फरवरी को मारे गए बठिंडा के युवा किसान शुभकरण की बहन को पंजाब पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी दी जाएगी। आईजी मुख्यालय डॉ सुखचैन सिंह गिल ने यह जानकारी दी है। इससे पहले देर रात ही पटियाला जिले के पातड़ां थाने में शुभकरण के पिता के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ जीरो एफआइआर दर्ज की गई।
चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के सिद्धूपुर गुट के दिल्ली कूच के दौरान संगरूर जिले के खनौरी में बीती 21 फरवरी को मारे गए बठिंडा के युवा किसान शुभकरण की बहन को पंजाब पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी दी जाएगी।
आईजी मुख्यालय डॉ सुखचैन सिंह गिल ने यह जानकारी दी। आईजी ने बताया कि परिवार की इच्छा थी कि उनकी बेटी को पंजाब पुलिस में नौकरी मिले। उन्होंने कहा कि इसके साथ साथ राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ का मुआवजा परिवार को दिया गया है।
देर रात किया गया पोस्टमार्टम
गौरतलब है कि शुभकरण के शव का बीती बुधवार देर रात पोस्टमार्टम हो गया है। इससे पहले देर रात ही पटियाला जिले के पातड़ां थाने में शुभकरण के पिता के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ जीरो एफआइआर दर्ज की गई। एफआइआर में आइपीसी की धारा 302 (हत्या) व 114 (अपराध के समय उकसाने वाले की मौजूदगी) लगाई गई है। घटना स्थल हरियाणा के जींद जिले के गढ़ी में दिखाया गया है। खनौरी जींद जिले के पास है।
दिल्ली कूच को लेकर 16 दिन से हरियाणा सीमा पर जुटे किसानों ने हरियाणा में प्रवेश के लिए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। किसान हरियाणा पुलिस की ओर से उनके आगे बढ़ने पर आंसू गैस के गोले दागने से बचने के लिए गायों को ढाल बनाने की तैयारी में हैं।
किसानों ने दिल्ली कूच के लिए बनाई नई रणनीति
किसानों का कहना है कि हर किसान के पास कम से कम दो गोधन तो है ही, ऐसे में सभी हरियाणा की सीमा में प्रवेश करने के लिए अपने गोधन को आगे लेकर चलेंगे। इस दौरान पता चल जाएगा कि खुद को गोरक्षक कहलाने वाली हरियाणा की भाजपा सरकार क्या इन गोधन को भी रोकने के लिए उन पर गोलियां चलाती है? इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि एक बार हरियाणा में प्रवेश कर गए तो फिर हरियाणा के किसान भी अपने गोधन के साथ इस दिल्ली कूच में शामिल हो जाएंगे।
किसानों की इस तरह की रणनीति को लेकर हालांकि कोई भी किसान नेता खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के सिद्धूपुर गुट का दिल्ली कूच कार्यक्रम टालने का वीरवार को अंतिम दिन है। इसी दिन किसान नेता अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेंगे। इसके लिए बुधवार को सिद्धूपुर गुट और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के नेताओं की बैठक में अगली रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक में क्या फैसला लिया गया, इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।