<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>court news &#8211; Hindi TV NEWS</title>
	<atom:link href="https://www.hinditvnews.co.in/tag/court-news/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.hinditvnews.co.in</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 09 Apr 2026 07:27:12 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/HINDI-TV-NEWS-LOGO-2-130x130.png</url>
	<title>court news &#8211; Hindi TV NEWS</title>
	<link>https://www.hinditvnews.co.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>एचपी हाईकोर्ट: बीएड प्रशिक्षु पसंदीदा संस्थान में परीक्षा देंगे, एनेस्थीसिया प्रोफेसर नियुक्ति पर रोक</title>
		<link>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%bf/</link>
					<comments>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%bf/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[hinditvnews]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:27:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Anesthesia Professor case]]></category>
		<category><![CDATA[BEd Trainees Exam]]></category>
		<category><![CDATA[court news]]></category>
		<category><![CDATA[himachal pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court news]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court order]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Co]]></category>
		<category><![CDATA[shimla news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.hinditvnews.co.in/?p=17916</guid>

					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Himachal High Court" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-130x130.webp 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" />HP High Court: पसंद के संस्थान में परीक्षा दे सकेंगे बीएड प्रशिक्षु, एनेस्थीसिया प्रोफेसर की नियुक्ति पर लगी हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 09 Apr 2026 हाईकोर्ट ने पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में चल रहे एक बीएड संस्थान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में चल रहे एक बीएड संस्थान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षु अपनी पसंद के संस्थानों में परीक्षा दे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Himachal High Court" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/15_05_2024-himachal_high_court_23718311-130x130.webp 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" /><h1 title="HP High Court: पसंद के संस्थान में परीक्षा दे सकेंगे बीएड प्रशिक्षु, एनेस्थीसिया प्रोफेसर की नियुक्ति पर लगी">HP High Court: पसंद के संस्थान में परीक्षा दे सकेंगे बीएड प्रशिक्षु, एनेस्थीसिया प्रोफेसर की नियुक्ति पर लगी</h1>
<p><span class="auth_cty">हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला।</span> <i></i>Published by: Megha Jain Updated Thu, 09 Apr 2026</p>
<h2>हाईकोर्ट ने पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में चल रहे एक बीएड संस्थान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।</h2>
<p>हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में चल रहे एक बीएड संस्थान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षु अपनी पसंद के संस्थानों में परीक्षा दे सकते हैं और यदि वे चाहें तो अपने पुराने संस्थान में अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।इस मामले की अगली सुनवाई 28 मई को होगी। अदालत ने प्रशिक्षुओं के हितों की रक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि जो प्रशिक्षु अपने वर्तमान संस्थान में बने रहना चाहते हैं, वे वहां पढ़ाई जारी रख सकते हैं। क्योंकि उनका सत्र सितंबर 2025 में शुरू हो चुका है। विद्यार्थी अपनी पसंद के केंद्रों पर परीक्षा दे सकेंगे।</p>
<p>राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि मंडी और कुल्लू जिलों के विभिन्न संस्थानों में परीक्षा दे रहे छात्रों की शिक्षा में कोई व्यवधान न आए।जिन छात्रों ने 1 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के तहत अन्य संस्थानों का विकल्प चुना है, वे वहां जा सकते हैं, लेकिन किसी पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। दरअसल, एनसीटीई ने 2 फरवरी 2026 को पटेल यूनिवर्सिटी में चल रहे एक बीएड संस्थान की मान्यता रद्द कर दी थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने भी उसकी संबद्धता समाप्त कर दी। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और सिंगल जज ने 100 छात्रों को अन्य कॉलेजों में समायोजित करने का निर्णय लिया था। सैकड़ों छात्रों में से 91 छात्रों ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की। उनके वकील ने दलील दी कि एनसीटीई अधिनियम, 1993 की धारा 14(5) और 17(3) के अनुसार, यदि किसी संस्थान की मान्यता रद्द होती है, तो पाठ्यक्रम को बंद करने या संबद्धता समाप्त करने का प्रभाव अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होता है, न कि वर्तमान सत्र के बीच में। अदालत ने पाया कि यह कानूनी तथ्य सिंगल जज के संज्ञान में नहीं लाया गया था।</p>
<div id="2" class="scroll_photo_view hide_for_metered_wall" data-id="2">
<div class="slide">
<p><strong>मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया प्रोफेसर की नियुक्ति पर लगी रोक</strong><br />
प्रदेश हाईकोर्ट में सरकार की ओर से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अनुभवी डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को अनुबंध आधार पर फिर से नियुक्त करने की नीति को चुनौती दी गई है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए एक जवाब के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज नेरचौक में एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रतिवादी प्रशासन को आदेश दिया है कि अगले आदेशों तक नेरचौक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर एनेस्थीसिया की नियुक्ति न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।</p>
</div>
</div>
<div id="3" class="scroll_photo_view hide_for_metered_wall" data-id="3">
<h3 id="title-3" class="nxt-heading"></h3>
<div class="slide">
<p>याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता अगले 34 दिनों में प्रोफेसर पद के लिए पात्र होने वाली है। उनका तर्क है कि विभाग की ओर से 6 अप्रैल में जारी विज्ञापन जो 2 अप्रैल 2026 के पुराने विज्ञापन के स्थान पर लाया गया है, मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप नहीं है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस नए विज्ञापन के कारण उनके पात्र होने के बावजूद उनके लिए प्रोफेसर पद का कोई विकल्प शेष नहीं बचेगा। याचिकाकर्ता ने एक अभ्यावेदन पहले से ही सरकार के पास लंबित है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका लंबित होने का मतलब यह नहीं है कि सरकार उस पर निर्णय न ले। सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर एक तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करे।</p>
<p>सरकार सेवानिवृत्ति प्रोफेसर को भारी भरकम सैलरी देकर इन पदों पर तैनात कर रही है। जिसके लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में इंटरव्यू की प्रक्रिया जारी की गई है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि सरकार की इस नीति के कारण जो डॉक्टर इन पदों पर पदोन्नति होने थे उन्हें अब इससे वंचित रहना पड़ेगा। इस नीति के तहत, रिटायर प्रोफेसरों को 2.50 लाख रुपये का फिक्स्ड मानदेय मिलेगा और यह नियुक्ति मुख्य रूप से नाहन, नेरचौक, हमीरपुर और चंबा के मेडिकल कॉलेजों में की जाएगी। सरकार नए मेडिकल कॉलेजों में अनुभवी फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को अनुबंधित किया गया है।</p>
</div>
</div>

<p><a href="https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%bf/">Source</a></p>]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%bf/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Supreme Court: देशभर के सरकारी अधिकारियों को तलब करने के लिए दिशानिर्देश तय करेगा सुप्रीम कोर्ट</title>
		<link>https://www.hinditvnews.co.in/supreme-court/</link>
					<comments>https://www.hinditvnews.co.in/supreme-court/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[hinditvnews]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Aug 2023 10:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[court news]]></category>
		<category><![CDATA[national news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.hinditvnews.co.in/?p=1017</guid>

					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="supremt court" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-130x130.webp 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" />सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि न्यायालय द्वारा सरकारी अधिकारियों को तलब किए जाने को लेकर दिशानिर्देश तैयार किया जाएगा। वहीं, सरकार ने भी अधिकारियों को तलब करने को लेकर एक एसओपी पेश किया। मामले में पीठ ने क्या कहा? सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि लंबित मामलों में पारित अंतिम निर्णयों और अंतरिम आदेशों का पालन न करने से उत्पन्न होने वाली अवमानना ​​कार्यवाही से निपटने के लिए प्रक्रियाओं का अलग-अलग सेट करना चाहिए। कार्यवाही के दौरान पीठ ने कहा किस मामले पर सुनवाई कर रही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="supremt court" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/21_08_2023-supreme_court_23507691-130x130.webp 130w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /><p>सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि न्यायालय द्वारा सरकारी अधिकारियों को तलब किए जाने को लेकर दिशानिर्देश तैयार किया जाएगा। वहीं, सरकार ने भी अधिकारियों को तलब करने को लेकर एक एसओपी पेश किया।<br />
मामले में पीठ ने क्या कहा?<br />
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि लंबित मामलों में पारित अंतिम निर्णयों और अंतरिम आदेशों का पालन न करने से उत्पन्न होने वाली अवमानना ​​कार्यवाही से निपटने के लिए प्रक्रियाओं का अलग-अलग सेट करना चाहिए।</p>
<p>कार्यवाही के दौरान पीठ ने कहा</p>
<p>किस मामले पर सुनवाई कर रही थी पीठ?<br />
सुप्रीम कोर्ट अदालत की अवमानना के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दो सरकारी अधिकारियों को तलब करने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने 20 अप्रैल को उत्तर प्रदेश वित्त विभाग के दो सचिवों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था, जिन्हें अवमानना मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर हिरासत में लिया गया था।</p>
<p>सरकारी अधिकारी के लिए तय होंगे नियम<br />
इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने तत्काल सुनवाई के लिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा एक अभूतपूर्व आदेश पारित किया गया, जिसके द्वारा वित्त सचिव और विशेष सचिव (वित्त) को सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए सुविधाओं से संबंधित एक अवमानना मामले में हिरासत में ले लिया गया।</p>
<p>केएम नटराज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव को जमानती वारंट भी जारी किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चार अप्रैल को कहा था कि अदालत में मौजूद अधिकारियों- यूपी के सचिव (वित्त) शाहिद मंजर अब्बास रिजवी और विशेष सचिव (वित्त) सरयू प्रसाद मिश्रा को हिरासत में ले लिया गया और आरोप तय करने के लिए अदालत में उन्हें पेश किया जाएगा।</p>

<p><a href="https://www.hinditvnews.co.in/supreme-court/">Source</a></p>]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.hinditvnews.co.in/supreme-court/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
