विवाहिता से अश्लील हरकत: जेठ को बचाने पर पुलिस को कोर्ट की फटकार, दिए आदेश

विवाहिता से गंदी हरकत: उस जेठ को बचा रही थी पुलिस, जिसने किया महापाप; कोर्ट ने दिए ये आदेश
हिंदी टीवी न्यूज,आगरा । Published by: Megha Jain Updated Sat, 26 Sep 2026
आगरा में अदालत के दो बार अग्रिम विवेचना के आदेश के बावजूद पुलिस ने वही आरोपपत्र दाखिल कर दिया, जिस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने आरोपपत्र से हटाए गए जेठ धीरेंद्र के खिलाफ भी संज्ञान लेते हुए समन जारी करने और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए।
अदालत की ओर से अग्रिम विवेचना के आदेश के बावजूद पुलिस बार-बार उसी आरोपपत्र को दाखिल करती रही। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-8 कन्हैया ने मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आरोप पत्र से हटाए गए जेठ धीरेंद्र के खिलाफ भी समन जारी करने के आदेश दिए। साथ ही पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं।
पीड़िता ने अधिवक्ता के माध्यम से विवेचना पर आपत्ति जताई। अदालत ने 17 अगस्त 2024 को अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। इसके बावजूद विवेचक ने पूर्व विवेचक के आरोपपत्र को ही सही मानते हुए वही रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर दी। पीड़िता ने फिर प्रार्थनापत्र दिया। अदालत ने 5 मार्च, 2025 को दोबारा अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपपत्र में कोई बदलाव नहीं किया और वही रिपोर्ट अदालत में पेश की।
पुलिस कार्रवाई पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व आरोपपत्र में आरोपी हरेंद्र पाल सिंह, महिपाल सिंह और गुड्डी देवी के साथ जेठ धीरेंद्र के खिलाफ खुद संज्ञान लिया। 14 अक्तूबर को पेश होने के लिए समन जारी करने के आदेश दिए। हत्या के प्रयास के आरोप के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उस धारा में संज्ञान नहीं लिया।















