Hindi TV NEWS

Top Menu

Main Menu

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म

logo

Hindi TV NEWS

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म
  • ZebPay Introduces SIPs to Promote Disciplined, Long-Term Bitcoin Investing

  • University of Aberdeen Opens Admissions for First Mumbai Campus Cohort; Launches Pioneer Scholarship of Rs. 2 Lakh for All Students Applying by Jan 31

  • VinFast Ends 2025 on a High and Hits the Ground Running in 2026

  • Sentient Animals Like Elephants Deserve More Respect, says New Study by World Animal Protection

  • Anurag Sinha Marks Resolute Return on Screen with Taskaree, Shines with a Stellar Performance in Netflix's Worldwide Release

manalinahanऊनाकांगड़ाकिन्नौरकुल्लूचंबाधर्मशालाबिलासपुरमंडीलाहौल & स्पीतिशिमलासिरमौरसोलनहमीरपुरहिमाचल प्रदेश
Home›manali›हिमाचल दिवस 2025: हिमाचल प्रदेश बना पर्वतीय राज्यों के लिए मॉडल स्टेट

हिमाचल दिवस 2025: हिमाचल प्रदेश बना पर्वतीय राज्यों के लिए मॉडल स्टेट

By hinditvnews
April 15, 2025
107
0
Himachalday

Himachal Day 2025: देश के ही नहीं, दूसरे देशों के पर्वतीय राज्यों के लिए भी मॉडल स्टेट बना हिमाचल प्रदेश

हिंदी टीवी न्यूज़, शिमला Published by: Megha Jain Updated Tue, 15 Apr 2025

Himachal Day 2025: हर साल 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस मनाया जाता है। इस बार 15 अप्रैल को हिमाचल अपना 78वां स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को जब यह प्रांत अपने अस्तित्व में आया तो उस समय कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा बहुत कमजोर था। ज्यादातर लोग पढ़े-लिखे नहीं थे।

पहाड़ की चुनौतियों को पार कर हिमाचल प्रदेश मॉडल हिल स्टेट बन गया है। भारत के अपने पहाड़ी राज्य ही नहीं, दुनिया के देश भी इस आदर्श पर्वतीय प्रदेश के मॉडल का अध्ययन करने के लिए अपनी टीमें भेज रहे हैं। शिक्षा, आधारभूत ढांचा विकास, पर्यटन, बागवानी, हरित ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में हिमाचल ने मिसाल पेश की है।

हिमाचलवासियों को एक सूत्र में पिरोये देवभूमि की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत भी विश्व भर के विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का केंद्र बन चुकी है। हिमाचल 15 अप्रैल को अपना 78वां स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को जब यह प्रांत अपने अस्तित्व में आया तो उस समय कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा बहुत कमजोर था। ज्यादातर लोग पढ़े-लिखे नहीं थे। दुर्गम क्षेत्र शेष देश और दुनिया की मुख्यधारा से कटे हुए थे, पर हिमाचल राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ता रहा। आज यहां आम आदमी का जीवन स्तर भी अन्य राज्यों की तुलना में बेहतरीन है। रोटी, कपड़ा और मकान की मूलभूत चिंताओं से आगे निकल कर हिमाचल तरक्की के नए आयाम स्थापित कर रहा है। तमाम आर्थिक और अन्य चुनौतियों का सामना करते इस पहाड़ी प्रांत की प्रतिव्यक्ति आय 2,57,212 रुपये पहुंच गई है।

इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश  पर करीब एक लाख करोड़ का कर्ज चुकाने, आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, सड़कों के बजाय हवाई, रेल नेटवर्क को भी आगे बढ़ाने, सोने की तरह बहते जलभंडारों का उचित दोहन करने, प्राकृतिक आपदा से निपटने समेत पर्यावरण को संरक्षित रखने, नशाखोरी से निपटने जैसी कई चुनौतियां हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहासकार एवं अध्ययन अधिष्ठाता प्रो. बीके शिवराम बताते हैं कि हिमाचल के गठन से लेकर पूर्ण राज्य बनने के लिए संघर्षरत रहे डॉ. यशवंत सिंह परमार की पहाड़ी प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजना थी। उनके बाद रहे मुख्यमंत्री भी प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाते रहे हैं।

सड़क, आधारभूत ढांचा विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश ने 1948 से लेकर आज तक काफी तरक्की की है। आज उच्च शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों में 60 से 65% लड़कियां हैं तो यही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के आधारभूत ढांचे के विकास का बड़ा सूचक है। कृषि-बागवानी के क्षेत्र में भी हिमाचल के किसानों-बागवानों ने अपने बूते पहचान बनाई है। बहुत से मामलों में हिमाचल प्रदेश देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। वर्तमान में केंद्र और राज्य में अलग-अलग सरकारों के कारण राजनीतिक चुनौती जरूर है, मगर यह अस्थायी ही है।

नेहरू ने कहा था- कैसे करना है विकास, डॉ. परमार काे बुलाओ
अर्थशास्त्र की प्रोफेसर प्रो. अर्पणा नेगी के अनुसार सुना जाता रहा है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कभी पंजाब को भी कहा था कि फंड को कैसे खर्च किया जाए और अपने राज्य को विकास में कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसके लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार सिंह को बुलाया जाए। प्रो. नेगी ने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाया। बाद में रहे तमाम मुख्यमंत्री भी उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ते रहे हैं। नेगी बताती हैं कि पीछे मुड़कर देखा जाए तो यह कहना कतई सही नहीं है कि इन 77-78 वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने कुछ खास नहीं किया है। 1948 से लेकर आज तक हिमाचल ने कई क्षेत्रों में बहुत तरक्की की है। दूसरे देश भी हिमाचल को मॉडल हिल स्टेट मान रहे हैं। हाल ही में नेपाल से भी एक टीम इसी का अध्ययन करने हिमाचल प्रदेश आ चुकी है। हिमाचल के पास और आगे बढ़ने के लिए संसाधन हैं, मगर उनके दोहन के लिए राज्य को क्रिएटिव होने की जरूरत है।

ऐसे अस्तित्व में आया हिमाचल
15 अप्रैल 1948 को भारतीय गणराज्य के चीफ कमिश्नर प्रांत रूप में हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। 30 रियासतों को इकट्ठा कर इस राज्य की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार हुई। शुरू में हिमाचल के चार जिले महासू, सिरमौर, चंबा और मंडी थे। 26 जनवरी 1950 को संविधान बनने के बाद इसे सी श्रेणी राज्य का दर्जा मिला। 1 जुलाई 1954 को बिलासपुर को हिमाचल में मिलाया गया, जो पांचवां जिला बना। 1 नवंबर 1956 को यह केंद्रशासित प्रदेश बना। फिर 1 मई 1966 में कांगड़ा हिमाचल का एक अन्य जिला बना। 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ। उस वक्त पंजाब के कुछ पहाड़ी क्षेत्र हिमाचल में मिला लिए गए। 18 दिसंबर 1970 को संसद में हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम पारित हुआ और 25 जनवरी 1971 को हिमाचल एक नए पूर्ण राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इस प्रकार हिमाचल प्रदेश भारतीय संघ का अठारहवां राज्य बना। उसके बाद फिर हिमाचल का नया नक्शा बना। राज्य के 12 जिले बनाए गए। हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर तय हुआ।

प्रदेश को 77 साल में मिले सात मुख्यमंत्री
हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के समय हिमाचल में सड़कों का जाल बिछने लगा। यहां कृषि-बागवानी, पर्यटन, ऊर्जा, उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी हिमाचल उन्नति करने लगा। डॉ. परमार के बाद रामलाल ठाकुर, वीरभद्र सिंह, शांता कुमार, प्रेमकुमार धूमल और जयराम ठाकुर जैसे मुख्यमंत्रियों के हाथ में हिमाचल प्रदेश की कमान रही। तमाम चुनौतियों के बीच सबने अपना-अपना योगदान दिया। कई आपदाएं और आर्थिक संकट भी झेले। अब सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हाथ में बागडोर है, जो सीमित साधनों और कर्ज में डूबे हिमाचल प्रदेश को 2032 तक देश का सबसे अमीर राज्य बनाने का संकल्प ले चुके हैं।

कर्ज बढ़ना तरक्की कम होने का प्रमाण नहीं 
अर्थशास्त्री नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि कर्ज या देनदारियां बढ़ना तरक्की कम होने का सूचक नहीं है। कर्ज लेना बुरी बात नहीं है, इसे खर्च कहां किया जा रहा है, यह मायने रखता है। हिमाचल की देनदारियां बढ़ने के साथ ही प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है, जो यह जाहिर करता है कि यहां के आम आदमी का जीवन स्तर अच्छा हुआ है।

देश-दुनिया में चमक रहे हिमाचली सितारे
अस्तित्व में आने के 78वें वर्ष में पहुंच चुके हिमाचल प्रदेश को कई हस्तियों ने भी देश-दुनिया में नई  पहचान दी है। यहां के कई सितारे विश्व भर में चमक बिखेर रहे हैं। इनमें सिनेमा, पार्श्व गायन जैसे क्षेत्रों के अलावा खेल जगत की बड़ी शख्सियतें शुमार हैं। बॉलीवुड में अनुपम खेर हिमाचल प्रदेश से बड़ा नाम हैं, जो शिमला में पले-बढ़े। 7 मार्च 1955 को शिमला में जन्म लेने वाले खेर करीब 540 फिल्मों में काम कर चुके हैं और पद्मश्री, पदम भूषण जैसे उच्च सम्मान पा चुके हैं।

शिमला में 31 जनवरी 1975 को जन्मीं प्रीति जिंटा सिनेमा जगत में एक और बड़ा चेहरा हैं। जिंटा आईपीएल की पंजाब किंग्स की मालकिन होने के चलते भी चर्चा में हैं। 23 मार्च 1986 को मंडी जिले के भांबला में जन्मीं कंगना रणौत भी फिल्मी दुनिया में बड़ा नाम कमाते हुए अब इसी संसदीय क्षेत्र की लोकसभा सांसद हैं। उन्हें भी पद्मश्री अवाॅर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। बॉलीवुड के बड़े सितारे प्रेम चोपड़ा का बचपन भी शिमला में गुजरा है। उनकी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई शिमला से हुई। सिने तारिका यामी गौतम का जन्म 28 नवंबर 1988 को बिलासपुर में हुआ। यामी कई चर्चित फिल्मों में काम कर चुकी हैं। सिरमौर जिले के नाहन निवासी वॉलीबुड सिंगर मोहित चौहान सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। द ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा सिरमौर जिले से हैं। 27 अगस्त 1972 को धिराइना गांव में जन्मे द ग्रेट खली ने भी चार हाॅलीवुड फिल्मों, दो बॉलीवुड और कई टेलीविजन चैनलों में काम किया है। सात फुट 1 इंच कद के खली ने रेस्लिंग में प्रवेश कर दुनिया में खलबली मचाई थी।

मंडी जिले में 19 फरवरी, 1990 में जन्मे भारतीय क्रिकेटर ऋषि धवन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल को नई पहचान दे रहे हैं। हमीरपुर जिले में 19 अगस्त 1985 को पैदा हुए ओलंपियन विजय कुमार देश के प्रमुख निशानेबाज हैं। शिमला की रेणुका ठाकुर देश की प्रमुख महिला क्रिकेटर हैं।

हिमाचल की झोली में 25 पद्मश्री, एक पद्म विभूषण
वर्ष 1964 से लेकर अब तक हिमाचल की शख्सियतों ने उत्कृष्ट कार्यों के दम पर खूब नाम कमाया और प्रदेश की झोली में करीब 25 पद्मश्री और एक पद्म विभूषण लाकर दिया है। राज्य को एकमात्र पद्म विभूषण जिला सोलन के कसौली के रहने वाले ब्रज कुमार नेहरू ने वर्ष 1999 में सिविल सेवा में दिलाया है। नेहरू का जन्म 4 सितंबर 1909 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। उन्हें 1999 में पद्म विभूषण पुरस्कार मिला। वे कसौली में रहे और 92 साल की उम्र में कसौली में ही उनका देहांत हुआ। वह सात राज्यों में राज्यपाल भी रहे। राज्य में चरणजीत सिंह, अजय ठाकुर को खेल में, कैलाश महाजन, सत्य देव को सिविल सेवा, डाॅ. देवेंद्र राणा, डाॅ. ओमेश भारती, येशी ढोडेन को चिकित्सा क्षेत्र, कपिल मोहन को व्यापार, विद्यानंद सरैक को लोकसंस्कृति, विजय शर्मा को लघु चित्रकला, करतार सौंखले को कला, ललिता वकील को चंबा रुमाल, प्रशासनिक अधिकारी सत्यदेव, चिकित्सक डॉ. देवेंद्र राणा, इंजीनियर कैलाश महाजन, डॉ. क्षमा मैत्रेय, नेकराम शर्मा, हरिमन शर्मा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

वीरभूमि के चार जवानों को सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र : वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के जवान दुश्मनों के भी दांत खट्टे करते रहे हैं। चार परमवीर चक्र हिमाचल के नाम हो चुके हैं। पहला परमवीर चक्र मेजर सोमनाथ शर्मा को मिला। इसके अलावा कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा, राइफलमैन संजय कुमार को यह सर्वोच्च सम्मान मिला। मेजर धन सिंह थापा का नाम भी इस सूची में शामिल है। 10 महावीर, तीन अशोक चक्र और 18 कीर्ति चक्र हिमाचल के वीर जवानों को मिल चुके हैं।

केंद्र को दिए छह मंत्री भाजपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष
अगर राजनेताओं की बात करें तो हिमाचल ने केंद्र सरकार को भी छह मंत्री दिए। राजकुमारी अमृत काैर, पंडित सुखराम, वीरभद्र सिंह, आनंद शर्मा, अनुराग ठाकुर, जगतप्रकाश नड्डा जैसे नेता केंद्र में मंत्री बने। नड्डा तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

हिमाचल ने दलाई लामा और  तिब्बतियों को दी शरण
1959 में दलाई लामा तिब्बत से पलायन कर भारत आए तो हिमाचल ने ही उन्हें शरणागत के रूप में पनाह दी है। उनके साथ बड़ी संख्या में तिब्बती शरणार्थी यहां पहुंचे। दलाई लामा धर्मशाला में मैकलोडगंज में रहते हैं।

वर्ष 1948 में 4.8 और अब 90% साक्षर
वर्ष 1948 में प्रदेश में साक्षर लोग मात्र 4.8 फीसदी थे। वर्ष 1950-51 में राज्य में कुल 547 शिक्षण संस्थान थे, मगर आज 20,000 से अधिक सरकारी- गैर सरकारी शिक्षण संस्थान हैं। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 90 फीसदी हो चुकी है। साल 1951 में हिमाचल की साक्षरता दर 7.98 फीसदी थी। इसके बाद हर दस साल बाद हुई साक्षरता की गणना में प्रदेश ने लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है। साल 1961 में साक्षरता दर 21.03 फीसदी, 1971 में 31.71 फीसदी, 1981 में 42.33, 1991 में 63.75, 2001 में 76.48 और साल 2011 में हुई गणना में साक्षरता दर 83.78 फीसदी रिकॉर्ड हुई। प्रदेश में सबसे अधिक साक्षरता दर 89.01 फीसदी हमीरपुर जिले की है।

प्रदेश के कई डॉक्टरों ने नाम रोशन किया
चिकित्सा क्षेत्र में भी हिमाचल प्रदेश से कई बड़े डॉक्टर हैं। एम्स नई दिल्ली के निदेशक रह चुके डॉ. रणदीप गुलेरिया हिमाचल से हैं। उन्हें भारत सरकार पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है। वर्तमान में वह एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष भी हैं। डॉ. रणदीप गुलेरिया के अलावा डॉ. जगतराम, डॉ. टीएस महंत और डॉ. राजबहादुर ने भी हिमाचल का नाम रोशन किया। रैबीज की वैक्सीन के किफायती इस्तेमाल पर डॉ. ओमेश भारती को पद्मश्री मिल चुका है। युवा डॉक्टर अरुण शर्मा सीवीआर एंड ईआई में सुपर स्पेशलाइजेशन (डीएम) डिग्री पाने वाले भारत के पहले डॉक्टर बने।

हिमाचल में बिछा सड़कों का जाल
वर्ष 1948 में जब हिमाचल प्रदेश राज्य अस्तित्व में आया, उस समय करीब 288 किलोमीटर सड़कें थीं। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बाद प्रदेश में सड़क नेटवर्क में 42 हजार किलोमीटर तक का विस्तार हुआ है। इसमें 35,917 किलोमीटर सड़कें पक्की हैं। अब तक प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने 2,519 पुलों और 36,763 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज का निर्माण किया है। हिमाचल के 17,882 गांवों में से 15,778 को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है। अब 500 से कम आबादी वाले दो हजार के करीब गांव सड़क सुविधा से जोड़े जाने शेष हैं। प्रदेश में फोरलेन, राजमार्ग और सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।

देश का पहला धुआंमुक्त घोषित राज्य
हिमाचल देश का पहला धुआंमुक्त राज्य घोषित हुआ है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश में 1.37 लाख से अधिक गैस कनेक्शन हैं, जबकि हिमाचल गृहिणी योजना के तहत 2.92 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। पहले लोगों को खाना बनाने के लिए लकड़ी का उपयोग करना पड़ता था, जिसका पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था। पाॅलीथिन लिफाफों पर बैन लगाने वाला भी प्रदेश पहला राज्य है। गोवध पर कानून भी देश में सबसे पहले हिमाचल में लाया गया। विधानसभा की ऑनलाइन कार्यवाही सबसे पहले यहां शुरू हुई।

Share :
Tagshimachal pradeshhimachal pradesh day 2025 date history significance all Celebration Venue And More About Dev Bhumihindi newsshimla news
Previous Article

Himachal Day: हिमाचल दिवस 2025: पांगी में ...

Next Article

Uttarakhand Cabinet: महिला नीति और कृषि प्रस्तावों ...

hinditvnews

hinditvnews

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

Related articles More from author

  • himachal high court
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल हाईकोर्ट का निर्देश: पूर्व सैनिकों को पुलिस भर्ती में शामिल करे सरकार

    December 18, 2025
    By hinditvnews
  • Himachal High Court
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल: भ्रष्टाचार मामले में सिविल सप्लाई कर्मी को 5 साल कैद

    January 3, 2026
    By hinditvnews
  • dubai
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal News: दुबई से 6,000 करोड़ का निवेश लाने के लिए 12 अफसर रवाना

    January 29, 2024
    By hinditvnews
  • Toy Train
    सोलनहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल: नए लुक में दौड़ेगी कालका-शिमला रेल कार, सफर होगा रोमांचक

    July 17, 2025
    By hinditvnews
  • Pratibha
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल कांग्रेस: नई कार्यकारिणी का खाका तैयार, सुक्खू से बैठक का इंतजार

    February 21, 2025
    By hinditvnews
  • 768 512 17427231 Thumbnail 3x2 Newss
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal News: मंत्री के एक खाली पद के लिए अब हटाए गए सीपीएस भी लगाएंगे जोर

    November 14, 2024
    By hinditvnews

You may interested

  • shimla
    धर्मशालाहिमाचल प्रदेश

    Dharamshala : दिल्ली से शिमला का हवाई सफर अब टैक्सी से भी सस्ता, ऑफ सीजन की सौगात

  • Priyanka
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal News: राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश से एंट्री कर सकती हैं सोनिया या प्रियंका गांधी

  • health
    healthस्वास्थ्यहिमाचल प्रदेश

    Himachal News: हिमाचल में नहीं खुलेंगे नए निजी नर्सिंग संस्थान, स्वास्थ्य विभाग ने आवेदन लेने से किया इंकार

Timeline

  • January 14, 2026

    ZebPay Introduces SIPs to Promote Disciplined, Long-Term Bitcoin Investing

  • January 14, 2026

    University of Aberdeen Opens Admissions for First Mumbai Campus Cohort; Launches Pioneer Scholarship of Rs. 2 Lakh for All Students Applying by Jan 31

  • January 14, 2026

    VinFast Ends 2025 on a High and Hits the Ground Running in 2026

  • January 14, 2026

    Sentient Animals Like Elephants Deserve More Respect, says New Study by World Animal Protection

  • January 14, 2026

    Anurag Sinha Marks Resolute Return on Screen with Taskaree, Shines with a Stellar Performance in Netflix's Worldwide Release

Visit Us

logo

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

  • Recent

  • Popular

  • Zebpay Introduces Sips To Promote Disciplined, Long Term Bitcoin Investing

    ZebPay Introduces SIPs to Promote Disciplined, Long-Term Bitcoin Investing

    By hinditvnews
    January 14, 2026
  • University Of Aberdeen Opens Admissions For First Mumbai Campus Cohort; Launches Pioneer Scholarship Of Rs. 2 Lakh For All Students Applying By Jan 31

    University of Aberdeen Opens Admissions for First Mumbai Campus Cohort; Launches Pioneer Scholarship of Rs. ...

    By hinditvnews
    January 14, 2026
  • Vinfast Ends 2025 On A High And Hits The Ground Running In 2026

    VinFast Ends 2025 on a High and Hits the Ground Running in 2026

    By hinditvnews
    January 14, 2026
  • Himachal News

    Himachal Budget Session: प्रश्नकाल से पहले विपक्ष के प्वाइंट ऑफ ऑर्डर से गर्माएगा सदन, इन ...

    By hinditvnews
    February 26, 2024
  • Dhami

    CM Dhami: इस बात पर भड़के उत्तराखंड के सीएम, अधिकारियों को लगाई फटकार

    By hinditvnews
    February 27, 2024
  • Chd

    Chandigarh News: फिर अदालत की दहलीज पर पहुंचा चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन

    By hinditvnews
    February 27, 2024

About us

  • 8679999913
  • thehinditvnews@gmail.com
  • Kalka Shimla Highway- VPO Panog, SHOGHI SHIMLA

Follow us

 ब्रेकिंग न्यूज पाने के लिए Hindi tv News से जुड़ें
  • ऊना
  • शिमला
  • सोलन
  • Netflix
  • OTT
© Copyright HINDITVNEWS. All rights reserved.