हिमाचल: मुफ्त प्लास्टिक कचरे के लिए फर्म को दिए 1.56 लाख, ऑडिट में सवाल

हिमाचल: सीमेंट प्लांट तक मुफ्त जाना था प्लास्टिक कचरा, फिर भी फर्म को दिए 1.56 लाख रुपये; ऑडिट में उठे सवाल
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 21 Sep 2026
हमीरपुर के सुजानपुर नगर परिषद में प्लास्टिक कचरे को अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट बाघा तक पहुंचाने के लिए 1,56,016 रुपये के भुगतान पर ऑडिट ने सवाल उठाए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2023 के समझौते में सीमेंट की आपूर्ति के बाद लौटने वाले ट्रकों की खाली क्षमता से प्लास्टिक कचरे की निशुल्क ढुलाई का प्रावधान था। इसके बावजूद नगर परिषद ने निजी फर्म से परिवहन कराया और 14 चक्करों के लिए भुगतान किया।
सुजानपुर से सीमेंट प्लांट बाघा तक निशुल्क प्लास्टिक कचरा ले जाना था। फिर भी एक फर्म को 1.56 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह मामला नगर परिषद सुजानपुर में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग सामग्री के परिवहन का है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बाघा के साथ शहरी निकायों के समझौता ज्ञापन के अनुसार प्लास्टिक कचरे की निशुल्क ढुलाई होनी थी। परिषद की अप्रैल 2024 से लेकर मार्च 2025 की ऑडिट रिपोर्ट ने इस मामले में दुर्विनियोजन की आशंका व्यक्त की है।
ऑडिट में नगर परिषद की ओर से अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को भेजे गए पत्रों की भी जांच की गई। इनमें स्पष्ट उल्लेख था कि प्लास्टिक कचरा अल्ट्राटेक के प्लांट की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों में ही भेजा गया। 28 अगस्त से 22 नवंबर 2024 के बीच भेजे गए 14 पत्रों में संबंधित वाहनों के नंबर भी दर्ज हैं। ऐसे में भी परिवहन का खर्च नगर परिषद को वहन नहीं करना था। रिपोर्ट के अनुसार मामले को अंकेक्षण अधियाचना संख्या 2025-26/64 के माध्यम से 19 नवंबर 2025 को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के ध्यान में लाया गया। ऑडिट के समाप्त होने तक नगर परिषद की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
सीमेंट प्लांट कई बार चालू नहीं होता तो ऐसी स्थिति में हमारे पास कोई चारा नहीं बचता है। हमें इसलिए यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। प्लास्टिक कचरा जब ज्यादा हो जाए तो ऐसा किया जाता है। बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण विधायन करके परिवहन के लायक प्लास्टिक सामग्री तैयार भी नहीं हो पाती है। – हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद















