उत्तराखंड: बदरीनाथ-केदारनाथ में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था

Uttarakhand: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को अलग से होंगे दर्शन, बीकेटीसी ने बनाई व्यवस्था
हिंदी टीवी, देहरादून। Published by: Megha Jain Updated Fri, 15 May 2026
बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को लेकर बीकेटीसी ने नई व्यवस्था बनाई है। सुबह व शाम के समय आधा-आधा घंटे का समय दर्शन के लिए निर्धारित होगा। 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को आधार कार्ड दिखाना होगा।
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। पहली बार बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए एसओपी भी तैयार कर ली गई है।
बदरीनाथ व केदारनाथ में अभी तक दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए दर्शन की कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। उन्हें भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में दर्शन करने पड़ते हैं। बीकेटीसी ने दिव्यांग व 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के सुगम दर्शन की व्यवस्था बनाई है। इससे धामों में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन करने में बड़ी राहत मिलेगी। बीकेटीसी ने नई व्यवस्था को लागू करने के लिए मानव प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। जल्द ही नई व्यवस्था धामों में लागू की जाएगी।















