कुफरी का आलू चमका: 79 किस्मों से देशभर में पहचान

सफलता: आलू ने देश के कोने-कोने तक पहुंचाया कुफरी का नाम, 79 किस्में तैयार
हिंदी टीवी न्यूज, कुफरी (शिमला) शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 23 Mar 2026
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के कुफरी में 79 से अधिक आलू की किस्में तैयार हो चुकी हैं। सबसे बड़ी खासियत है रोगमुक्त बीज उत्पादन।
राजधानी शिमला से 15 किलोमीटर दूर ऊंचे पहाड़ पर स्थित है कुफरी। समुद्र स्तर से इसकी ऊंचाई 2,720 मीटर या लगभग 9,000 फीट है। सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होने से तो यह स्थान मशहूर है ही। आलू के बीज की नई-नई किस्मों पर कुफरी में प्रयोग से इसका नाम देश के हर किसान की जुबान पर है।
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला यहां पर दशकों से आलू पर नित नए प्रयोग कर रहा है। भारत की आजादी के दो साल बाद 1949 में स्थापित किया संस्थान 79 से अधिक कुफरी आलू किस्में विकसित कर चुका है। सर्दियों में यहां पर तीन से चार फीट तक बर्फ गिरती है। तापमान कई बार -5 से -18 डिग्री तक भी चला जाता है। पहाड़ी जलवायु और वैज्ञानिक अनुसंधान के तालमेल से यहां से तैयार होने वाले आलू के बीज देशभर के किसानों की पैदावार तो बढ़ा रहे हैं। सबसे बड़ी खासियत है रोगमुक्त बीज उत्पादन। यहां उन्नत लैब तकनीकों और नियंत्रित वातावरण में आलू के ऐसे बीज तैयार किए जाते हैं, जिनमें वायरस और बीमारियों का खतरा बेहद कम होता है। यही बीज आगे किसानों तक पहुंचकर बेहतर उत्पादन सुनिश्चित कर सकते हैं।















