हाईकोर्ट में कार पूलिंग, वर्चुअल सुनवाई और 33% स्टाफ वर्क फ्रॉम होम लागू

ईंधन बचत: हाईकोर्ट में अब कार पूलिंग व्यवस्था, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई; 33 फीसदी स्टाफ करेगा घर से काम
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Fri, 22 May
ईंधन के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के जजों से आपसी कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया गया है। कर्मचारियों को भी सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ते ईंधन संकट के बीच प्रशासनिक स्तर पर कई अहम कदम उठाए हैं। हाईकोर्ट की ओर से जारी सर्कुलर में जजों, कर्मचारियों और वकीलों के लिए कार-पूलिंग को बढ़ावा देने, अधिकतर मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये करने और सीमित संख्या में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने जैसे फैसले लागू किए गए हैं। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
सर्कुलर में कहा गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 12 मई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम और सुप्रीम कोर्ट की ओर से 15 मई 2026 को जारी सर्कुलर के आधार पर लिया गया है। ईंधन के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के जजों से आपसी कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया गया है। कर्मचारियों को भी सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने अधिकांश मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने का फैसला लिया है। बार सदस्यों से भी वर्चुअल सुनवाई को सफल बनाने में सहयोग की अपील की गई है।
33 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति
सर्कुलर के अनुसार जिन शाखाओं या सेक्शनों में संभव होगा, वहां अधिकतम 33 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जाएगी। हालांकि शेष कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित रहकर कामकाज सुचारु रूप से चलाना होगा। संबंधित रजिस्ट्रार प्रत्येक सप्ताह रोस्टर तैयार करेंगे और तय करेंगे कि किन कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जा सकती है। वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहने और आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय आने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर इस व्यवस्था में बदलाव या प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।














