हिमाचल: बिना शिक्षक स्कूलों में TGT-प्रवक्ता तैनात, पीटी भर्ती अपडेट
हिमाचल: बिना शिक्षक वाले प्राथमिक स्कूलों में भेजे जाएंगे टीजीटी और प्रवक्ता, शारीरिक शिक्षक भर्ती अपडेट भी
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 25 Apr 2026
हिमाचल में शिक्षा विभाग ने बिना शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में अब टीजीटी, सीएंडवी और प्रवक्ताओं की सेवाएं अनिवार्य रूप से लेने का फैसला लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है।
हिमाचल प्रदेश में स्कूल कांप्लेक्स व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बिना शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में अब टीजीटी, सीएंडवी और प्रवक्ताओं की सेवाएं अनिवार्य रूप से लेने का फैसला लिया है। विभाग ने सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और कांप्लेक्स प्रभारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा निदेशक ने बताया कि पहले जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद कई कांप्लेक्स प्रमुख इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। खासकर ऐसे प्राथमिक विद्यालय, जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं है या शिक्षकों की भारी कमी है, वहां उच्च विद्यालयों और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से स्टाफ की डेपुटेशन नहीं की जा रही है। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य के साथ समझौता है।
कांप्लेक्स प्रणाली का मुख्य उद्देश्य ही संसाधनों और मानव बल का साझा उपयोग (शेयरिंग ऑफ मैनपावर) है, ताकि किसी भी स्कूल में पढ़ाई बाधित न हो। ताजा निर्देशों के अनुसार मिडल , हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से टीजीटी, सीएंडवी और प्रवक्ताओं को जरूरत के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में भेजा जाएगा। ऐसे प्राथमिक स्कूल, जहां दो जेबीटी शिक्षक उपलब्ध हैं और छात्र संख्या 15 से अधिक है, वहां से किसी भी शिक्षक की डेपुटेशन नहीं की जाएगी। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। निदेशक आशीष कोहली ने स्पष्ट किया गया कि शेयरिंग ऑफ मैनपावर ही स्कूल कांप्लेक्स व्यवस्था की मूल भावना है।















