हिमाचल विधानसभा: 21 अगस्त से मानसून सत्र, 900 से ज्यादा सवाल; हंगामे के आसार

Himachal Assembly Monsoon Session: 21 अगस्त से मानसून सत्र, 900 से अधिक सवाल पहुंचे; हंगामे के आसार
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 17 Aug 2026
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। सत्र में 10 बैठकें होंगी और अब तक विधायकों के 900 से अधिक सवाल विधानसभा सचिवालय पहुंच चुके हैं। विधायक 18 अगस्त तक प्रश्न भेज सकेंगे। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों से जुड़े स्थानीय मुद्दे प्रमुख हैं। विपक्ष के हमलावर रुख के चलते सत्र में हंगामे के आसार हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। चौदहवीं विधानसभा का यह 11वां सत्र होगा। सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें होंगी। विधानसभा सचिवालय में अब तक विधायकों के 900 से अधिक प्रश्न पहुंच चुके हैं। विधायक मंगलवार यानी 18 अगस्त तक अपने प्रश्न भेज सकेंगे। विधानसभा सचिवालय में पहुंच रहे सवालों को संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। विभाग इन प्रश्नों के जवाब तैयार कर रहे हैं, जिन्हें सत्र के दौरान मंत्री सदन में प्रश्नकाल के दौरान देंगे। अब तक पहुंचे प्रश्नों में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों के सवाल शामिल हैं।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हमलावर रुख के चलते सदन में हंगामे के आसार भी हैं। विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्ता पक्ष के मंत्री भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए आक्रामक रुख अपना सकते हैं। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 20 अगस्त को भाजपा और कांग्रेस विधायक दल की बैठकें होने की संभावना है। इन बैठकों में दोनों दल सदन के भीतर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री से शुरू होगा जवाब देने का क्रम
21 अगस्त को सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी। प्रश्नकाल में सबसे पहले मुख्यमंत्री सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कृषि मंत्री, उद्योग मंत्री, राजस्व मंत्री और शिक्षा मंत्री प्रश्नों के उत्तर देंगे। इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, लोक निर्माण मंत्री, नगर एवं ग्राम योजना मंत्री और आयुष मंत्री का सवालों के जवाब देने का क्रम रहेगा। सत्र में 900 से अधिक सवालों के पहुंचने के बाद आने वाले दिनों में प्रश्नों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। अब देखना होगा कि सदन में विपक्ष किन मुद्दों को सबसे ज्यादा जोर से उठाता है और सरकार की ओर से उनका क्या जवाब दिया जाता है।















