होली 2026: ग्रहण-भद्रा का असर, पूजन और रंगोत्सव अलग-अलग दिन

Holi 2026: तिथि पर ग्रहण, भद्रा बनी बाधा, पूजन और रंगोत्सव में एक दिन का फासला
हिंदी टीवी न्यूज, देहरादून। Published by: Megha Jain Updated Tue, 17 Feb 2026
इस बार पूजन और होली के पर्व में एक दिन का फासला हो रहा है। होलिका दहन भद्रा मुख में नहीं किया जाता। दो मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:53 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान भद्रा भी रहेगी लेकिन भद्रा मुख नहीं होगा।
तिथि के लिए हर पर्व की तरह इस बार होली की तिथि पर भी असमंजस है। होली पर इस बार ग्रहण पड़ रहा है तो ऐसे में ज्योतिषाचार्य एक दिन पहले यानी दो मार्च को ही होलिका पूजन करने की बात कह रहे हैं। वहीं, कई ज्योतिषाचार्य तीन मार्च को तड़के होलिका दहन करने का तर्क दे रहे हैं। इसके बाद एक दिन खाली रहेगा और चार मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा।
काफी साल बाद ऐसा हो रहा है कि पूजन और होली के पर्व में एक दिन का फासला हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि इस बार दो मार्च की शाम 5:56 बजे शुरू होगी और तीन मार्च की शाम 5:08 बजे समाप्त होगी। तीन मार्च को चंद्रग्रहण भी रहेगा जो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा। शास्त्रों के अनुसार, विधान है कि जिस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि लगती है तब ही होलिका दहन किया जाता है।
दून में होली के पर्व की तैयारी शुरू हो चुकी है। शहर में कई जगह होलिका भी सजा दी गई है। सहारनपुर रोड, निरंजनपुर, मंडी के पास, माजरा, परम विहार, प्रिंस चौक समेत कई जगह होलिका सजा दी गई हैं। इसके लिए सैकड़ों जगह दून में गाय के गोबर के कंडे और लकड़ियों का उपयोग कर होलिका तैयार की गई हैं।















