Hindi TV NEWS

Top Menu

Main Menu

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म

logo

Hindi TV NEWS

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म
  • Agoda Unveils 2026 Return Visitor Ranking: New Delhi Leads India, Tokyo Tops Asia

  • Azbil to Showcase Building Automation Solutions as a Gold Sponsor at Data Centre World Asia 2026

  • Great Food From Great Britain Brings Best of British Flavours to Shoppers Across Five Indian Cities

  • Sony Unveils INZONE H6 Air: Built for Immersive Audio, All-Day Comfort and Competitive Gaming

  • From Partnership to Placement: Techno Smile and SRM University-AP Chart a Career Pathway to Japan

उत्तराखण्ड
Home›उत्तराखण्ड›उत्तराखंड: प्राचीन भवन शैली से आपदा में नुकसान कम, भूगर्भ विशेषज्ञों ने बताई वजह

उत्तराखंड: प्राचीन भवन शैली से आपदा में नुकसान कम, भूगर्भ विशेषज्ञों ने बताई वजह

By hinditvnews
September 26, 2025
218
0
Kedarnath

Uttarakhand: प्राचीन भवन निर्माण शैली से कम हो सकता है आपदा में नुकसान, भूगर्भ वैज्ञानिकों ने सामने रखे तथ्य

हिंदी टीवी न्यूज़, देहरादून Published by: Megha Jain Updated Fri, 26 Sep 2025

प्रदेश में हाल की आपदाओं में नए भवन ढह गए, लेकिन पुरानों को नुकसान नहीं हुआ। भूगर्भ वैज्ञानिकों ने कहा कि पारंपरिक निर्माण तकनीक से प्राचीन मंदिर बने हैं, इसीलिए यह बच गए।

उत्तराखंड में अगस्त और सितंबर में कई जिलों में आई प्राकृतिक आपदा ने भयानक तबाही मचाई। सैकड़ों लोग मारे गए या लापता हो गए, तमाम भवन, पुल आदि ताश के पत्तों की तरह ढह गए। लेकिन हैरानी की बात है कि प्राचीन मंदिर और आवासीय भवनों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

भूगर्भ वैज्ञानिक इसकी वजह प्राचीन भवन निर्माण विज्ञान को मानते हैं, जिनके नियमों का पालन करने से आपदा से बचाव हो सका। इसका सबसे बड़ा उदाहरण केदारनाथ मंदिर है जो 2013 की बाढ़ में मलबे और पानी की मार झेलने के बाद भी बच गया और उसके आसपास के सभी ढांचे मिट गए क्योंकि मंदिर को मजबूत पत्थरों और कारीगरों की कुशलता से बनाया गया था। अनादि काल से ही उत्तराखंड की भवन निर्माण शैली बाकी देश से अलग रही है। यहां पर राजस्थानी और कत्यूरी शिल्प ज्यादातर दिखाई देता है।
यहां के भवन भौगोलिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देखकर बनाए जाते हैं। जिसमें पत्थर, लकड़ी और मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन आज इन बातों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है जिससे भूस्खलन और भूधंसाव जैसी घटनाएं सामने आ रही है। यह घटनाएं उन स्थानों पर ज्यादातर हुई हैं जिनकी बसागत कुछ वर्षों पहले हुई है। हाल ही में चमोली के थराली, नंदानगर, उत्तरकाशी के धराली या देहरादून की आपदा ने सरकारों और तमाम संबंधित एजेंसियों को सोचने को मजबूर कर दिया है कि यदि बसागत और निर्माण शैली पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में इस प्रकार की घटनाओं में और तेजी होगी। 

छत के शिखर से लेकर नींव तक ढांचे को मजबूत किया जाता

भूवैज्ञानिक त्रिभुवन सिंह पांगती का कहना है कि प्राचीन भवन इसलिए सुरक्षित रहे क्योंकि वे स्थानीय रूप से उपलब्ध टिकाऊ सामग्रियों से बनाए जाते थे, जो स्थानीय परिस्थितियों और खतरों के अनुरूप होती हैं। पारंपरिक निर्माण तकनीक भार को प्रभावी ढंग से वितरित करती हैं, जिससे संरचना के किसी एक हिस्से पर अत्यधिक दबाव नहीं पड़ता, जो भूकंप या जल प्रवाह जैसी घटनाओं में मददगार होता है। इसमें छत के शिखर से लेकर नींव तक ढांचे को मजबूत किया जाता था।

कोटी बनाल शैली की चर्चा
यमुनाघाटी में कोटी गांव में बनाए गए कई मंजिला भवनों के नाम पर ही भवन निर्माण शैली को कोटी बनाल शैली कहा गया है। ये भवन 1000 साल पुराने हैं और अभी भी किसी बड़ी आपदा को सहन करने की क्षमता रखते हैं। इस शैली के भवन पत्थर, लकड़ी और मिट्टी के बनाए जाते थे। कोटी बनाल एक पारंपरिक भूकंपरोधी निर्माण शैली है जो उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सदियों से चली आ रही है, जिसमें लकड़ी और पत्थर का उपयोग करके मजबूत, बहुमंजिला घर बनाए जाते हैं। इस शैली की मुख्य विशेषता इमारतों के अंदर लकड़ी के बीमों की परतें होती हैं, जो भूकंप के दौरान उन्हें एकजुट और लचीला बनाए रखती हैं, जिससे भारी भूकंपों में भी ये घर सुरक्षित रहे हैं।

हार्ड रॉक के बजाय मिट्टी के ढेर पर बनाए गए भवन : डॉ. रावत
इतिहासकार और पर्यावरणविद् डॉ. अजय रावत कहते है कि जहां भी इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं वे सभी भवन हार्ड रॉक के बजाय मिट्टी के ढेर पर बनाए गए हैं। पुराने लोगों के पास संसाधनों की कमी थी लेकिन उनका अनुभव आज भी प्रासंगिक है। स्थान चयन से लेकर निर्माण सामग्री तक की वस्तुओं में विशेष ध्यान दिया जाता था। मकान बनाने से पहले यह देखा जाता था कि रिफ्ट वैली का विस्तार कहां तक है। फ्लड प्लेन कितना है, वहां पर सख्त चट्टान है या मुलायम। उसके बाद ही भवनों का निर्माण किया जाता था। निर्माण से पहले जमीन को कुछ वर्षे तक खाली छोड़ देते थे जिससे पता चल जाता था कि यहां पर कितना भूस्खलन हो सकता है और नदी का फैलाव कहां तक हो सकता है। इसके बाद ही निर्माण किया जाता था।

कई शहरों की वहन क्षमता हो गई खत्म
भूवैज्ञानिक त्रिभुवन सिंह पांगती ने बताया कि आज कई शहरों और कस्बों की वहन क्षमता खत्म हो चुकी है जिसके बाद नदी-नालों में निर्माण किया जाने लगा है। जोशीमठ हो या नैनीताल इनकी वहन क्षमता खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद निर्माण लगातार हो रहे हैं जिससे इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं।

आज जो बसागत हो रही है वह मिट्टी के ऊपर और नदी-नालों पर बनाई जा रही है। सड़क, सुरंग आदि निर्माण कार्यों के चलते पहाड़ियों में ब्लास्ट किए जा रहे हैं जिससे चट्टाने डिस्टर्ब होकर कमजोर हो रही हैं। इसी का नतीजा है कि पहाड़ियां दरक रही हैं। टपकेश्वर, मसूरी, देवप्रयाग, बदरीनाथ, केदारनाथ या अन्य कई स्थल हैं जो हार्ड रॉक पर बसे हुए हैं। यहां पर पानी या मलबे का बहाव कितना भी तेज क्यों न हो इनको नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। – त्रिभुवन सिंह पांगती, पूर्व अपर निदेशक (एडीजी), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण

Share :
TagsAncient building styles can reduce losses in natural disasters Geologists say Uttarakhand news in hindidehradun newshindi newsuttarakhand
Previous Article

UKSSSC Exam: प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ...

Next Article

UKSSSC पेपर केस: सीएम धामी बोले, सीबीआई ...

hinditvnews

hinditvnews

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

Related articles More from author

  • Weather
    HoroscopemanalinahanNetflixOTTWeatherऊनाकांगड़ाकिन्नौरकुल्लूचंबाधर्मशालाबिलासपुरमंडीलाहौल & स्पीतिशिमलासिरमौरसोलनहमीरपुरहिमाचल प्रदेश

    Himachal Weather: कोहरे का कहर, पांवटा में स्कूल समय बदला, अलर्ट जारी

    January 9, 2025
    By hinditvnews
  • Cm
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal Budget 2025: दूध, गेहूं-मक्की की कीमत बढ़ी, सीएम की पर्यटन स्टार्टअप योजना

    March 17, 2025
    By hinditvnews
  • Dhami
    उत्तराखण्ड

    धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 7 हजार से ज्यादा उपनल कर्मियों का भविष्य सुरक्षित

    August 26, 2026
    By hinditvnews
  • Murder
    कुल्लूशिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal: बेटे ने पिता को मारा डंडा, बहस के बाद की हत्या

    March 4, 2025
    By hinditvnews
  • Hp
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal: 12,292 छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी, केंद्र ने दी दिसंबर तक मोहलत

    September 19, 2025
    By hinditvnews
  • Court Shimla 4c1e8264d54fffe1c92f9f0790555eea
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    हाईकोर्ट: सोए हुए अधिकारों पर अदालत मदद नहीं कर सकती

    May 29, 2025
    By hinditvnews

You may interested

  • Cm Sukhu
    ऊनाशिमलाहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल के हक-हकूक की लड़ाई जारी रहेगी: मुख्यमंत्री सुक्खू

  • cbi
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    KCCB लोन घोटाला: सीबीआई करेगी तफ्तीश, प्रबंधन ने लिखा पत्र

  • Rajender
    शिमलाहमीरपुरहिमाचल प्रदेश

    भाजपा के सियासी नेटवर्क से कैप्टन रंजीत राणा गायब

Timeline

  • September 14, 2026

    Agoda Unveils 2026 Return Visitor Ranking: New Delhi Leads India, Tokyo Tops Asia

  • September 14, 2026

    Azbil to Showcase Building Automation Solutions as a Gold Sponsor at Data Centre World Asia 2026

  • September 14, 2026

    Great Food From Great Britain Brings Best of British Flavours to Shoppers Across Five Indian Cities

  • September 14, 2026

    Sony Unveils INZONE H6 Air: Built for Immersive Audio, All-Day Comfort and Competitive Gaming

  • September 14, 2026

    From Partnership to Placement: Techno Smile and SRM University-AP Chart a Career Pathway to Japan

Visit Us

logo

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

  • Recent

  • Popular

  • Agoda Unveils 2026 Return Visitor Ranking: New Delhi Leads India, Tokyo Tops Asia

    Agoda Unveils 2026 Return Visitor Ranking: New Delhi Leads India, Tokyo Tops Asia

    By hinditvnews
    September 14, 2026
  • Azbil to Showcase Building Automation Solutions as a Gold Sponsor at Data Centre World Asia

    Azbil to Showcase Building Automation Solutions as a Gold Sponsor at Data Centre World Asia ...

    By hinditvnews
    September 14, 2026
  • Great Food From Great Britain Brings Best of British Flavours to Shoppers Across Five Indian Cities

    Great Food From Great Britain Brings Best of British Flavours to Shoppers Across Five Indian ...

    By hinditvnews
    September 14, 2026
  • Himachal News

    Himachal Budget Session: प्रश्नकाल से पहले विपक्ष के प्वाइंट ऑफ ऑर्डर से गर्माएगा सदन, इन ...

    By hinditvnews
    February 26, 2024
  • Dhami

    CM Dhami: इस बात पर भड़के उत्तराखंड के सीएम, अधिकारियों को लगाई फटकार

    By hinditvnews
    February 27, 2024
  • Chd

    Chandigarh News: फिर अदालत की दहलीज पर पहुंचा चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन

    By hinditvnews
    February 27, 2024

About us

  • 8679999913
  • thehinditvnews@gmail.com
  • Kalka Shimla Highway- VPO Panog, SHOGHI SHIMLA

Follow us

 ब्रेकिंग न्यूज पाने के लिए Hindi tv News से जुड़ें
  • ऊना
  • शिमला
  • सोलन
  • Netflix
  • OTT
© Copyright HINDITVNEWS. All rights reserved.