दस्तावेज समझाए बिना विधवा से हस्ताक्षर, एसबीआई की वसूली पर हाईकोर्ट सख्त

Highcourt: विधवा को बिना दस्तावेज समझाए हस्ताक्षर कराए, हाईकोर्ट ने एसबीआई की वसूली को माना शोषण
हिंदी टीवी, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Thu, 05 Feb 2026
याचिकाकर्ता परमजीत कौर ने बताया कि वह हाईकोर्ट के पूर्व विशेष सचिव केसर सिंह की विधवा हैं। पति की मृत्यु के बाद उन्हें 11 वर्षों तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन दी गई। बाद में एसबीआई ने यह कहते हुए वसूली का नोटिस जारी किया कि 2010 के बाद पेंशन कम की जानी थी लेकिन यह संशोधन नहीं किया गया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पेंशनभोगियों, विशेषकर विधवाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए बिना दस्तावेज की जानकारी दिए कराए गए हस्ताक्षर के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी 6.5 लाख से अधिक की वसूली मांग को रद्द कर दिया है।
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने स्पष्ट किया कि बैंक की गलती के कारण एक विधवा से पारिवारिक पेंशन की वसूली करना कठोर, अन्यायपूर्ण और न्याय व समानता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। यदि पेंशनभोगी द्वारा कोई धोखाधड़ी, गलत बयान या तथ्य छिपाने का प्रमाण नहीं है तो वर्षों बाद अतिरिक्त दी गई पेंशन की वसूली की अनुमति नहीं दी जा सकती। खासकर जब इससे गंभीर आर्थिक कठिनाई पैदा होती हो।
याचिकाकर्ता परमजीत कौर ने बताया कि वह हाईकोर्ट के पूर्व विशेष सचिव केसर सिंह की विधवा हैं। पति की मृत्यु के बाद उन्हें 11 वर्षों तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन दी गई। बाद में एसबीआई ने यह कहते हुए वसूली का नोटिस जारी किया कि 2010 के बाद पेंशन कम की जानी थी लेकिन यह संशोधन नहीं किया गया। बैंक ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने 2005 में एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा सकती है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों या उनके परिजनों से डॉटेड लाइन पर अंडरटेकिंग लेना शोषण के समान है और केवल इसके आधार पर वसूली को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने न तो कोई गलत जानकारी दी और न ही पेंशन निर्धारण में उनकी कोई भूमिका थी। यह पूरी तरह एसबीआई की प्रशासनिक भूल थी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम वर्षों में हैं और केवल सीमित पारिवारिक पेंशन पर निर्भर हैं। यदि वसूली की गई तो यह उनकी आजीविका को संकट में डाल देगा।















