पंचायत चुनाव: आचार संहिता लागू, तबादले-भर्ती पर रोक

पंचायत चुनाव: आचार संहिता के चलते तबादलों, नई भर्ती पर रोक; सरकारी मशीनरियों का भी नहीं होगा इस्तेमाल
हिंदी टीवी, शिमला/धर्मशाला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 29 Apr 2026
प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू हो गई है। प्रदेश में अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक न तो अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे, नई भर्तियां भी नहीं होगी। आचार संहिता के दौरान न ही सरकारी मशीनरी का किसी भी प्रकार से चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार की ओर से नए विकास कार्यों की घोषणा और शिलान्यास पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, पहले से स्वीकृत और जारी परियोजनाओं को जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है, ताकि विकास कार्य पूरी तरह ठप न हों। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी नई योजना या वित्तीय स्वीकृति से बचें।
सरकारी कार्यक्रमों पर भी इस अवधि में रोक रहेगी। विशेष परिस्थितियों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की अध्यक्षता अब संबंधित उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) करेंगे, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप से बचा जा सके। मेलों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों को भी गैर-राजनीतिक स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के लिए भी सख्त नियम तय किए गए हैं। कोई भी मंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री के सलाहकार चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहनों व अन्य सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे, स्टाफ भी साथ नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ काफिला चलेगा। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ निर्वाचन आयोग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घर से कार्यालय तक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है।















