यमुनानगर हत्याकांड: पत्नी की हत्या, बच्चों ने देखी त्रासदी

Haryana: यमुनानगर में पत्नी की हत्या के बाद एक दिन तक घर में पड़ा रहा शव, दो मासूम बेटे बने त्रासदी के गवाह
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) । Published by: Megha Jain Updated Tue, 05 May 2026
पति संतोष को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। यही शक धीरे-धीरे विवाद का कारण बना और रविवार रात दोनों के बीच हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्से में संतोष ने नीलम का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
यमुनानगर में सामने आए नीलम हत्याकांड ने एक बार फिर घरेलू रिश्तों में पनपते शक और हिंसा की भयावह तस्वीर को उजागर कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार के बिखरने की कहानी है, जिसमें सबसे ज्यादा चोट उन दो मासूम बच्चों को लगी है, जिन्होंने एक ही पल में अपनी मां को खो दिया और पिता को आरोपी के रूप में पुलिस हिरासत में जाते देखा।
करीब 35 वर्षीय नीलम, जो उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली थी, ने साल 2013 में संतोष के साथ प्रेम विवाह किया था। दोनों अपने छोटे-से परिवार के साथ यमुनानगर के शादीपुर गांव में किराए के मकान में रहते थे। बाहर से यह परिवार सामान्य दिखता था, लेकिन अंदर ही अंदर शक और तनाव ने रिश्ते को खोखला कर दिया था।
बताया जा रहा है कि पति संतोष को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। यही शक धीरे-धीरे विवाद का कारण बना और रविवार रात दोनों के बीच हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्से में संतोष ने नीलम का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद नीलम का शव पूरे एक दिन तक उसी घर में पड़ा रहा, जहां कभी हंसी-खुशी का माहौल हुआ करता था।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि दोनों छोटे बेटे एक 8 साल का और दूसरा 6 साल का इस पूरी त्रासदी के बीच मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी पिता बच्चों को घर से बाहर ले गया और कथित तौर पर उनके साथ आत्महत्या करने की सोच रहा था। हालांकि, देर रात उसने खुद ही पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
सोमवार रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल भिजवाया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी खड़ा करती है क्या रिश्तों में अविश्वास और संवादहीनता इतनी खतरनाक हो सकती है कि वह पूरे परिवार को तबाह कर दे वहीं, अब सबसे बड़ी चिंता उन दो मासूम बच्चों की है, जिनका भविष्य इस एक घटना ने पूरी तरह बदल दिया है।














