Chandigarh-Panchkula-Mohali में काॅकरोच उद्योग चर्चा में, 50 करोड़ का कारोबार उजागर

चर्चा में काॅकरोच: चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में काॅकरोच का राज, इनके दम पर खड़ी है पचास करोड़ की इंडस्ट्री
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Fri, 22 May
चंडीगढ़ में काॅकरोच मारने वाले स्प्रे, जेल, चॉक और पेस्ट कंट्रोल का कारोबार अकेले ट्राईसिटी में ही सालाना कारोबार करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में काॅकरोच शब्द खूब सुर्खियों में है। बयानबाजी और तंज के बीच काॅकरोच चर्चा का विषय जरूर बने हुए हैं। शहर के घरों और बाजारों में यह परेशानी नई नहीं है।
चंडीगढ़ जैसे साफ-सुथरे माने जाने वाले शहर में भी लोग वर्षों से रसोईघरों, सीवर लाइनों और बाजारों में काॅकरोच की बढ़ती मौजूदगी से परेशान हैं। घरों में यह चर्चा पहले से होती रही है कि रात को रसोई की लाइट जलते ही सिंक, गैस चूल्हे और डिब्बों के पीछे से तेजी से भागते काॅकरोच आखिर आते कहां से हैं।
अब वही परेशानी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनती दिख रही है। हालत यह है कि काॅकरोच मारने वाले स्प्रे, जेल, चॉक और पेस्ट कंट्रोल का कारोबार अकेले ट्राईसिटी में ही सालाना कारोबार करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। रात होते ही कई घरों में किचन की लाइट जलाने पर सिंक, गैस चूल्हे और डिब्बों के पीछे से तेजी से भागते काॅकरोच आम दृश्य बन चुके हैं।















