UP: सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, मूल्यांकन में खामियों के आरोप

UP: सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, परिणाम में मूल्यांकन की खामियों का आरोप
हिंदी टीवी न्यूज ,लखनऊ। Published by: Megha Jain Updated Fri, 29 May 2026
Central Board of Secondary Education की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र सरकार और बोर्ड से जवाब मांगा है। याचिका में मूल्यांकन प्रक्रिया में खामियों और छात्रों के परिणाम प्रभावित होने का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति गठन और उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग पर सुनवाई की।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड( सी बी एस ई ) द्वारा 2025-26 की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुरू की गई नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर पक्षकारों- केंद्र सरकार, सीबीएसई, परीक्षा नियंत्रक और उत्तर प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
इसके बाद दो सप्ताह में याचिकाकर्ता इसका प्रतिउत्तर दाखिल कर सकेगा। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश लखनऊ के अधिवक्ता द्वारा व्यक्तिगत रूप से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को जल्दबाजी में लागू करने से देशभर के लाखों छात्रों के मूल्यांकन में “प्रणालीगत संस्थागत विफलता” हुई है।
याचिका में मांग की है कि ओएसएम प्रणाली को अमल में लाने की जांच करने और मूल्यांकन में कथित खामियों की पहचान करने के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए। याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी प्रभावित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा निःशुल्क पुनर्मूल्यांकन किया जाए। सुनवाई के समय पक्षकारों के वकीलों ने मामले में जवाब दाखिल करने का समय मांगा। जिसे प्रदान करके कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की है।















