हिमाचल: स्क्रब टायफस फैलाने वाले 15 नए परजीवी मिले

Scrub Typhus: हिमाचल में मिले स्क्रब टायफस का संक्रमण फैलाने वाले 15 नए परजीवी
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 18 Jun 2026
स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ गया है। एक अध्ययन में प्रदेश के आठ जिलों में छोटे स्तनधारियों में इस बीमारी का व्यापक संक्रमण पाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ गया है। एक अध्ययन में प्रदेश के आठ जिलों में छोटे स्तनधारियों में इस बीमारी का व्यापक संक्रमण पाया गया है। शोधकर्ताओं ने 96 नमूनों में से 38.5 फीसदी में स्क्रब टायफस पैदा करने वाले जीवाणु का डीएनए पाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य में 15 नई चिगर माइट प्रजातियां भी पहली बार मिली हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इन 15 में से एक प्रजाति भारत में पहली बार दर्ज की गई है। यह अध्ययन शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और ऊना सहित आठ जिलों में किया गया। शोधकर्ताओं ने चूहों और छछूंदरों जैसे 96 छोटे स्तनधारियों के नमूने एकत्र किए।
इनमें से 38.5 फीसदी नमूनों में स्क्रब टायफस पैदा करने वाले जीवाणु ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी का डीएनए मिला है। यह आंकड़ा राज्य में संक्रमण के प्राकृतिक स्रोतों की व्यापक उपस्थिति को दर्शाता है। कुल 1033 बाह्य परजीवी भी एकत्र किए गए, जिनमें अधिकांश चिगर माइट थे। वैज्ञानिकों ने इनमें लगभग 30 विभिन्न प्रजातियों की पहचान की। इनमें से 15 प्रजातियां हिमाचल प्रदेश में पहली बार मिली हैं, जबकि एक प्रजाति भारत में पहली बार दर्ज की गई है। यह अध्ययन आईसीएमआर के तहत राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अनुसंधान संस्थान पुडुचेरी के वैज्ञानिक गोविंदराजन रेनु, राजमन्नार वीरमनोहरन, परमासिवन राजैया और फिलिप सैमुअल पॉलराज की टीम ने किया।















