मनाली पर्यटन: बारिश से होटल खाली, सितंबर से उम्मीद

Manali Tourism News: बारिश से पर्यटन कारोबार प्रभावित, होटल खाली; सितंबर में कारोबार सुधरने की उम्मीद
हिंदी टीवी, मनाली। Published by: Megha Jain Updated Tue, 04 Aug 2026
बरसात के कारण कुल्लू-मनाली का पर्यटन कारोबार मंदा पड़ गया है। कई होटल खाली हैं और कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना पड़ा है। वोल्वो बसों और पर्यटक वाहनों की संख्या में भारी गिरावट आई है। होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि सितंबर के अंत और विंटर सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से कारोबार फिर रफ्तार पकड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली में इस वर्ष मानसून ने पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ दी है। जहां अप्रैल से जून तक पर्यटकों की बंपर आमद से यह क्षेत्र गुलजार रहता था, वहीं जुलाई माह के आते-आते मनाली सूना नजर आने लगा है। कई छोटे होटल खाली पड़े हैं और कारोबारियों को अपने कर्मचारियों को अस्थायी छुट्टी पर भेजना पड़ रहा है। पर्यटन व्यवसायी अब सितंबर के अंत और आने वाले विंटर सीजन से ही किसी सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट
ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में अन्य राज्यों से मनाली आने वाली वोल्वो बसों की संख्या घटकर प्रतिदिन 30 से 45 रह गई है, जबकि पर्यटन सीजन में यह आंकड़ा 100 से अधिक हुआ करता था। इसी तरह, पर्यटकों के वाहनों की दैनिक आमद भी घटकर 400 से 500 रह गई है। इस गिरावट का सीधा असर स्थानीय होटलों, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों पर पड़ रहा है।
डर और भ्रामक सूचनाओं का असर
पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की खबरें पर्यटकों के मन में भय पैदा कर रही हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बाढ़ और आपदा से जुड़े पुराने या भ्रामक वीडियो भी लोगों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इन सब कारणों से कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है।
होटलों की ऑक्यूपेंसी में भारी गिरावट
कुल्लू के पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया कि अप्रैल, मई और जून में जिले के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की अच्छी संख्या देखी गई थी। हालांकि, बरसात शुरू होने के बाद स्थिति बदली है और वर्तमान में होटलों की औसत ऑक्यूपेंसी (कमरों के भरे रहने का प्रतिशत) केवल 30 से 40 प्रतिशत रह गई है।
होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई होटलों की ऑक्यूपेंसी 20 प्रतिशत के आसपास सिमट गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बरसात समाप्त होने के बाद सितंबर से पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार में सुधार आएगा।
व्यवसायी सितंबर और विंटर सीजन का कर रहे इंतजार
स्थानीय पर्यटन कारोबारी गजेंद्र ठाकुर, गौतम ठाकुर और भूपेश का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान कारोबार धीमा पड़ जाता है। उनका मानना है कि आमतौर पर 20 सितंबर के बाद ही पर्यटक एक बार फिर कुल्लू-मनाली का रुख करते हैं। यदि इस बार मौसम अनुकूल रहा और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा नहीं बढ़ा, तो आगामी विंटर सीजन पर्यटन उद्योग के लिए राहत लेकर आ सकता है। फिलहाल, कुल्लू-मनाली का पर्यटन उद्योग मानसून की मार झेल रहा है और व्यवसायी बेहतर मौसम और पर्यटकों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।















