हिमाचल: आउटसोर्स से नहीं होगी नर्सों की भर्ती, सिफारिश पर रोक

हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: आउटसोर्स से नहीं होगी नर्सों की भर्ती, CM बोले- नौकरियों में नहीं चलेगी सिफारिश
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 26 Aug 2026
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नर्सों की भर्ती और आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नर्सों की भर्ती आउटसोर्स माध्यम से नहीं होगी। राज्य चयन आयोग के जरिए टेस्ट लेकर नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश खत्म करने की बात कही। फिलहाल 600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन आउटसोर्स कर्मचारियों और सरकारी भर्ती को लेकर अहम चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब नर्सों की भर्ती आउटसोर्स माध्यम से नहीं की जाएगी। स्टाफ नर्सों की नियुक्ति राज्य चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा लेकर की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार समाप्त कर दिए गए हैं और चयन में मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अस्पतालों में बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नर्सों की भर्ती नियमित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। प्रदेश में फिलहाल करीब 600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में नर्सों की नियुक्ति आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से करने के बजाय राज्य चयन आयोग की परीक्षा के जरिए की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में नौकरी से हटाए गए कुछ कर्मचारियों को दोबारा रोजगार दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य पात्र कर्मचारियों को भी नीति और नियमों के अनुसार वापस रखने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सरकार नीतिगत स्तर पर भी विचार कर रही है। वर्तमान व्यवस्था में कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति एजेंसियों के माध्यम से और कुछ मामलों में ठेकेदारों के जरिए होती है।
वेतन में कटौती पर होगी कार्रवाई
सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित है। यदि कोई एजेंसी कर्मचारियों के वेतन से नियमों के विपरीत राशि काटती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विभागों की ओर से अधिक संख्या में कर्मचारियों की स्वीकृति ली जाती है, लेकिन वास्तविक तौर पर कम लोगों को काम पर रखा जाता है। सरकार इस व्यवस्था पर भी नजर रखेगी।
विधायक ने पूछा- पुराने कर्मचारियों को क्यों हटाया
भाजपा विधायक दीपराज ने सवाल उठाया कि यदि आउटसोर्स व्यवस्था पिछली सरकार के समय से चली आ रही थी तो उस दौरान नियुक्त कर्मचारियों को मौजूदा सरकार के समय नौकरी से क्यों हटाया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था पहले से मौजूद थी और सरकार इस संबंध में नीतिगत स्तर पर सुधार की दिशा में काम कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस भर्ती को लेकर पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस की केवल एक बार भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उसका पेपर भी लीक हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान पेपर बेचे गए थे।
सीएम सुक्खू ने पुलिस विभाग में अधिक भर्तियां निकालने के पीछे अग्निवीर योजना को भी एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि सेना में अग्निवीर योजना लागू होने के कारण युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग में भी अधिक भर्तियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले जून 2026 में भी मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पद सृजित करने और भर्ती प्रक्रिया पर जोर दिया था। उस दौरान 800 अतिरिक्त पुलिस पद सृजित करने तथा 1,200 रंगरूटों के प्रशिक्षण में होने की जानकारी सामने आई थी।
अग्निवीर योजना के कारण सेना से चार वर्ष बाद लौटने वाले युवाओं के रोजगार को लेकर भी राज्यों में चर्चा तेज है। हिमाचल में भी सरकार ने अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।















