हरियाणा: SGST संग्रह में 29% बढ़ोतरी, 24 हजार करोड़ के पार पहुंचा

हरियाणा में एसजीएसटी संग्रह: देशभर में सर्वाधिक 29 फीसदी वृद्धि दर्ज, 24 हजार करोड़ से अधिक पहुंचा
हिंदी टीवी न्यूज,चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Wed, 02 Sep 2026
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में हरियाणा ने एसजीएसटी संग्रह में 29 फीसदी की वृद्धि हासिल की है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 16 फीसदी से लगभग दोगुनी है। इस अवधि में कुल संग्रह 24,662 करोड़ रुपये रहा।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह में देशभर में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है। प्रदेश में एसजीएसटी संग्रह में 29 फीसदी का उछाल आया है, जबकि राष्ट्रीय औसत 16 फीसदी रहा। इस अवधि में हरियाणा का कुल एसजीएसटी संग्रह 24,662 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
हरियाणा का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कुल जीएसटी करदाताओं में इसकी हिस्सेदारी चार फीसदी से भी कम है। इसके बावजूद, राज्य का कुल जीएसटी संग्रह में योगदान लगभग 7.7 फीसदी है। यह दर्शाता है कि हरियाणा प्रति करदाता अधिक राजस्व उत्पन्न कर रहा है।
एसजीएसटी संग्रह में प्रदेश का प्रदर्शन
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में हरियाणा ने एसजीएसटी संग्रह में 29 फीसदी की वृद्धि हासिल की है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 16 फीसदी से लगभग दोगुनी है। इस अवधि में कुल संग्रह 24,662 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 19,174 करोड़ रुपये था। यह राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करता है।
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में हरियाणा ने एसजीएसटी संग्रह में 29 फीसदी की वृद्धि हासिल की है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 16 फीसदी से लगभग दोगुनी है। इस अवधि में कुल संग्रह 24,662 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 19,174 करोड़ रुपये था। यह राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करता है।
करदाताओं की हिस्सेदारी और योगदान
हरियाणा की उपलब्धि इस बात से और भी खास हो जाती है कि देश के कुल जीएसटी करदाताओं में इसकी हिस्सेदारी चार फीसदी से कम है। इसके बावजूद, राज्य का कुल जीएसटी संग्रह में योगदान लगभग 7.7 फीसदी है। यह दर्शाता है कि हरियाणा में कर अनुपालन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावी हैं। कम करदाताओं के साथ भी अधिक राजस्व जुटाना एक सकारात्मक संकेत है।
हरियाणा की उपलब्धि इस बात से और भी खास हो जाती है कि देश के कुल जीएसटी करदाताओं में इसकी हिस्सेदारी चार फीसदी से कम है। इसके बावजूद, राज्य का कुल जीएसटी संग्रह में योगदान लगभग 7.7 फीसदी है। यह दर्शाता है कि हरियाणा में कर अनुपालन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावी हैं। कम करदाताओं के साथ भी अधिक राजस्व जुटाना एक सकारात्मक संकेत है।















