Himachal: IGMC शिमला में रोबोटिक सर्जरी महंगी, एक्सरे पर भी लगेगा शुल्क

आईजीएमसी शिमला में अब रोबोटिक सर्जरी महंगी: एक्सरे के लिए भी देना होगा शुल्क, आरकेएस की बैठक फैसला
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 24 Oct 2026
आईजीएमसी शिमला में अब रोबोटिक सर्जरी करवाना महंगा हो जाएगा। इसके अलावा एक्सरे शुल्क भी मरीजों से लिया जाएगा, अभी तक एक्सरे मुफ्त में होते थे। अस्पताल प्रबंधन ने नई दरें निर्धारित करेगा।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब रोबोटिक सर्जरी करवाना महंगा हो जाएगा। इसके अलावा एक्सरे शुल्क भी मरीजों से लिया जाएगा, अभी तक एक्सरे मुफ्त में होते थे। अस्पताल प्रबंधन ने नई दरें निर्धारित करेगा। आईजीएमसी में शुक्रवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक में यह फैसले लिए गए। शुल्क बढ़ने पर मरीजों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने सामान्य वार्ड में 30 हजार और स्पेशल वार्ड मरीजों से रोबोटिक सर्जरी के 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया है लेकिन महंगे उपकरण में खर्च पूरा नहीं हो रहा है।
अब यह दरें और बढ़ जाएंगी। शुल्क निर्धारित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से समिति गठित की है। शुल्क प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद ही रोबोटिक सर्जरी करवाने वालों से नए शुल्क की वसूली होगी। मरीजों से एक्सरे शुल्क भी लेने की अस्पताल प्रबंधन ने तैयारी की है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में निर्धारित दरों के मुताबिक यह शुल्क लिया जाएगा। बैठक में नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान मौजूद रहे। इस दौरान रोबोटिक सर्जरी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
हर रोग की रोबोटिक सर्जरी का शुल्क अलग होगा। इसके अलावा रोगी कल्याण समिति की बैठक में सेनिटेशन के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। इसमें निर्णय लिया कि जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तब तक जो कंपनी अभी कार्य कर रही है वहीं सेवाएं देती रहेगी। इसके अलावा सामान ढुलाई के लिए भी वर्तमान में कार्य कर रहे ठेकेदार का टेंडर पुरानी दरों पर ही रिन्यू करने के लिए कहा है।
चमियाना में बढ़ाई थी रोबोटिक सर्जरी की दरें
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में फरवरी में रोबोटिक सर्जरी की दरों को बढ़ाया था। इस दौरान सामान्य वार्ड में 30 हजार के बजाय अब 50 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलावा स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीज का शुल्क 50 हजार से 80 हजार रुपये किया था। अब आईजीएमसी में भी 150 रोबोटिक सर्जरी सामान्य रेट पर पूरी हो गई हैं। इसके बाद रोबोटिक सर्जरी के दाम बढ़ने की कवायद शुरू हो गई है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि आईजीएमसी की आरकेएस की बैठक में एक्सरे शुल्क लेने का निर्णय हुआ है। शुल्क निर्धारित कर सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद ही इसे वसूला जाएगा।
आईजीएमसी में 150, चमियाना में 320 से अधिक रोबोटिक सर्जरी
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में अब तक 150 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। आईजीएमसी में सर्जरी विभाग के अलावा स्त्री रोग (गायनी) और शिशु रोग विभाग में भी रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किए गए हैं। वहीं चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशियलिटीज में विभिन्न विभागों की ओर से अब तक 320 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इससे पहले रोबोटिक सर्जरी करवाने के लिए मरीजों को चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब प्रदेश में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को राहत मिल रही है। रोबोटिक सर्जरी की खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम चीरा लगाना पड़ता है और रक्तस्राव भी कम होता है। ऐसे में कई मामलों में मरीजों को रक्त चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती। छोटे चीरे के कारण मरीज की रिकवरी अपेक्षाकृत जल्दी हो सकती है और स्थिति के अनुसार उसे सर्जरी के अगले दिन अस्पताल से छुट्टी भी मिल सकती है। इसके अलावा अस्पताल में कम समय तक रहने से संक्रमण का खतरा कम रहता है।















