हिमाचल: कांग्रेस की रैली पर भाजपा के सवाल, सरकारी खर्च का मांगा हिसाब

रैली कांग्रेस की, खर्च हिमाचल का? सरकारी संसाधनों पर भाजपा ने उठाए सवाल; मांगा पाई-पाई का हिसाब
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 02 Nov 2026
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस की दिल्ली रैली के लिए हिमाचल के सरकारी संसाधनों के कथित इस्तेमाल को लेकर सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकारी हेलीकॉप्टर, करीब 200 एचआरटीसी बसों और हिमाचल भवन व सदन के उपयोग पर सवाल उठाए।
दिल्ली में कांग्रेस की रैली के लिए हिमाचल प्रदेश के सरकारी संसाधनों के कथित इस्तेमाल को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने सुक्खू सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों के राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर, एचआरटीसी बसों और हिमाचल भवन एवं सदन का इस्तेमाल किया गया। रणधीर शर्मा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल प्रदेश के खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
सरकारी हेलीकॉप्टर से दिल्ली यात्राओं पर उठाए सवाल
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकारी हेलीकॉप्टर से दिल्ली जाकर कांग्रेस के धरनों और रैलियों में शामिल होते हैं और उसी हेलीकॉप्टर से वापस लौटते हैं। उन्होंने दावा किया कि इन यात्राओं पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। शर्मा ने सवाल उठाया कि कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रमों का खर्च हिमाचल प्रदेश की जनता क्यों उठाए? उन्होंने मुख्यमंत्री की सरकारी हेलीकॉप्टर से हुई यात्राओं और उन पर हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
करीब 200 एचआरटीसी बसें दिल्ली भेजने का आरोप
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली के लिए हिमाचल प्रदेश से एचआरटीसी की करीब 200 बसें भेजी गईं। उनके अनुसार, इनमें से कई बसें आधी खाली थीं, जबकि प्रदेश में पिछले तीन दिनों के दौरान करीब 200 बस रूट प्रभावित रहे। उन्होंने कहा कि बसों की कमी से यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन बसों के इस्तेमाल के बदले एचआरटीसी को किराये का भुगतान नहीं किया।
भाजपा विधायक ने सरकार से सवाल किया कि दिल्ली कितनी बसें भेजी गईं, कितने रूट प्रभावित हुए, कुल किराया कितना बना और परिवहन निगम को कितना भुगतान मिला? उन्होंने इन सभी सवालों का सार्वजनिक जवाब मांगा।
हिमाचल भवन और सदन के इस्तेमाल पर भी सवाल
शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन को कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सरकारी परिसरों में कमरे बुक किए गए और आंदोलन से जुड़ी बैठकें भी आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि सरकारी अतिथि गृह किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हैं। सरकार को इन परिसरों में हुई बुकिंग, उनके उपयोग और भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।
एसआईआर और ईवीएम के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
रणधीर शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर एसआईआर, ईवीएम और कथित वोट चोरी के मुद्दों को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें प्रमाणों के साथ संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष रखी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राओं, प्रेस वार्ताओं, प्रबुद्धजन संगोष्ठियों और युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता तक अपनी बात पहुंचाएगी।
सरकारी खर्च की निष्पक्ष जांच की मांग
रणधीर शर्मा ने सरकारी हेलीकॉप्टर की यात्राओं, एचआरटीसी बसों और हिमाचल भवन एवं सदन के कथित राजनीतिक इस्तेमाल की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सरकारी खजाने से खर्च किए गए एक-एक रुपये का हिसाब देना चाहिए। सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और भुगतान से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखी जानी चाहिए।















