<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>news of himachal prradesh &#8211; Hindi TV NEWS</title>
	<atom:link href="https://www.hinditvnews.co.in/tag/news-of-himachal-prradesh/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.hinditvnews.co.in</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 23 May 2024 06:13:04 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.1</generator>

<image>
	<url>https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/08/HINDI-TV-NEWS-LOGO-2-130x130.png</url>
	<title>news of himachal prradesh &#8211; Hindi TV NEWS</title>
	<link>https://www.hinditvnews.co.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Black Pond Turtle : रेणुका झील में दिखाई दिया विचित्र चित्तीदार कछुआ</title>
		<link>https://www.hinditvnews.co.in/black-pond-turtle-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/</link>
					<comments>https://www.hinditvnews.co.in/black-pond-turtle-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[hinditvnews]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 May 2024 06:13:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[सिरमौर]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[news of himachal]]></category>
		<category><![CDATA[news of himachal prradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news of renukaji]]></category>
		<category><![CDATA[news of shimla]]></category>
		<category><![CDATA[news of spotted Black Pond Turtle in renukaaji]]></category>
		<category><![CDATA[news zoo of renukaji sirmaur]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.hinditvnews.co.in/?p=8566</guid>

					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-150x150.jpg" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Tourtel" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-150x150.jpg 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-130x130.jpg 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" />Black Pond Turtle : रेणुका झील में दिखाई दिया विचित्र चित्तीदार कछुआ, हिमाचल में पहली बार रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के वन्यप्राणी विहार रेणुकाजी में वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों ने रेणुका झील के आखिरी छोर पर लुप्तप्राय स्पॉटेड ब्लैक पॉन्ड टर्टल (जियोक्लेमिस हेमिल्टोनी) को देखा है। वन्यप्राणी विहार रेणुकाजी में विचित्र व विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे चित्तीदार तालाब नामक कछुए की पहचान हुई है। यह हिमाचल में पहली बार दिखा है। वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों ने रेणुका झील के आखिरी छोर पर लुप्तप्राय स्पॉटेड ब्लैक पॉन्ड टर्टल (जियोक्लेमिस हेमिल्टोनी) को देखा है। हैमिल्टन के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-150x150.jpg" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Tourtel" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-150x150.jpg 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/05/tourtel-130x130.jpg 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" /><h1 title="Black Pond Turtle : रेणुका झील में दिखाई दिया विचित्र चित्तीदार कछुआ, हिमाचल में पहली बार रिकॉर्ड">Black Pond Turtle : रेणुका झील में दिखाई दिया विचित्र चित्तीदार कछुआ, हिमाचल में पहली बार रिकॉर्ड</h1>
<p>हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के वन्यप्राणी विहार रेणुकाजी में वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों ने रेणुका झील के आखिरी छोर पर लुप्तप्राय स्पॉटेड ब्लैक पॉन्ड टर्टल (जियोक्लेमिस हेमिल्टोनी) को देखा है।</p>
<p>वन्यप्राणी विहार रेणुकाजी में विचित्र व विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे चित्तीदार तालाब नामक कछुए की पहचान हुई है। यह हिमाचल में पहली बार दिखा है। वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों ने रेणुका झील के आखिरी छोर पर लुप्तप्राय स्पॉटेड ब्लैक पॉन्ड टर्टल (जियोक्लेमिस हेमिल्टोनी) को देखा है। हैमिल्टन के टेरापिन के रूप में भी जानी जाने वाली यह प्रजाति अक्सर सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र के जल निकासी घाटियों में स्थित मीठे पानी में पाई जाती है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान में वितरित, चित्तीदार तालाब कछुओं की पहचान उनके काले सिर, पैर और पूंछ पर पीले या सफेद धब्बों से की जाती है।</p>
<p>वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची के तहत संरक्षित होने के बावजूद अवैध वन्यजीव व्यापार में उनके उच्च मूल्य के कारण चित्तीदार तालाब कछुए अक्सर शिकारियों के निशाने पर होते हैं लेकिन, ऐसी लुप्तप्राय प्रजाति की उपस्थिति न केवल वन्य प्राणी विभाग की ओर से प्रदान की गई प्रभावी सुरक्षा को उजागर करती है वहीं रेणुका वन्यजीव अभयारण्य में उपलब्ध वन्यजीव आवास की अच्छी गुणवत्ता को भी दर्शाती है। रेणुका झील भारत के रामसर आर्द्रभूमि में सबसे छोटी है, लेकिन यह कई अन्य कछुओं की प्रजातियों जैसे लुप्तप्राय भारतीय सॉफ्टशेल कछुए, भारतीय छत वाले कछुए के साथ-साथ भारतीय काले कछुए और भारतीय फ्लैपशेल कछुए के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। कछुओं को जलीय मृतभक्षी भी कहते हैं, इसलिए रेणुका झील में इनकी यह विविधता, झील के समग्र स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।</p>
<p>वन्य प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ डॉ. शाहनवाज अहमद ने बताया कि रेणुका वैटलैंड में चित्तीदार तालाब कछुए का मिलना पर्यावरण के लिए भी शुभ संकेत है। पूरे हिमाचल में यह पहली मर्तबा रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि रेणुका झील में पहले भी करीब आधा दर्जन प्रजातियों के कछुए पाए जाते हैं लेकिन इस विलुप्त होती प्रजाति का देखा जाना पर्यावरण संरक्षण के लिए भी एक शुभ संकेत है और इस कच्छुए का मिलना रेणुका वैटलैंड में वन्य जीवों व वन्य प्राणियों को सुरक्षा व संरक्षण को भी दर्शाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>

<p><a href="https://www.hinditvnews.co.in/black-pond-turtle-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/">Source</a></p>]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.hinditvnews.co.in/black-pond-turtle-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बर्फबारी की बजाए धुएं से ढके पहाड़, अपर शिमला में सूखे के कारण बढ़ रही आग की घटनाएं</title>
		<link>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a2/</link>
					<comments>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[hinditvnews]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jan 2024 07:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[news of himachal]]></category>
		<category><![CDATA[news of himachal prradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news of shimla]]></category>
		<category><![CDATA[news snow]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.hinditvnews.co.in/?p=4274</guid>

					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-150x150.jpg" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Shimla" decoding="async" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-150x150.jpg 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-130x130.jpg 130w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" />बर्फबारी की बजाए धुएं से ढके पहाड़, अपर शिमला में सूखे के कारण बढ़ रही आग की घटनाएं; मौसम का किसानों पर पड़ रहा असर जनवरी के महीने में जहां राजधानी शिमला सहित जिले में पहाड़ो की चोटियों बर्फबारी के कारण सफेद होती थी तो वहीं इस बार धुएं से चोटियां (Fog on Mountains) सफेद हो गई है। ऊपरी शिमला में सूखे मौसम के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। ऐसे में आम लोगों के साथ साथ किसानों बागवानों की मुश्किलें भी बढ़ गई है। HIGHLIGHTS जनवरी में माइनस में पहुंचता था पहाड़ो का पारा, अभी 5 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-150x150.jpg" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Shimla" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-150x150.jpg 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2024/01/shimla-130x130.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /><h1>बर्फबारी की बजाए धुएं से ढके पहाड़, अपर शिमला में सूखे के कारण बढ़ रही आग की घटनाएं; मौसम का किसानों पर पड़ रहा असर</h1>
<p>जनवरी के महीने में जहां राजधानी शिमला सहित जिले में पहाड़ो की चोटियों बर्फबारी के कारण सफेद होती थी तो वहीं इस बार धुएं से चोटियां (Fog on Mountains) सफेद हो गई है। ऊपरी शिमला में सूखे मौसम के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। ऐसे में आम लोगों के साथ साथ किसानों बागवानों की मुश्किलें भी बढ़ गई है।</p>
<h3>HIGHLIGHTS</h3>
<ol class="ArticleDetail_blogHighLight__n3lDi">
<li>जनवरी में माइनस में पहुंचता था पहाड़ो का पारा, अभी 5 डिग्री तक</li>
<li>बढ़ते तापमान में से बागवानी पर पड़ रहा असर, बागवानों की बढ़ी दिक्कतें</li>
<li>बर्फबारी की बजाए धुएं से ढके पहाड़</li>
</ol>
<p><strong>शिमला। Himachal Weather: </strong>जनवरी के महीने में जहां राजधानी शिमला सहित जिले में पहाड़ो की चोटियों बर्फबारी के कारण सफेद होती थी, तो वहीं इस बार धुएं से चोटियां (Fog on Mountains) सफेद हो गई है।</p>
<p>ऊपरी शिमला में सूखे मौसम के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। आग की घटनाओं के कारण पूरे वातारण में धुंआ पसरा हुआ है। इससे जहां पर्यावरण को नुकसान हो रहा हैं तो वहीं बागवानी पर भी उल्टा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में आम लोगों के साथ साथ किसानों बागवानों की मुश्किलें भी बढ़ गई है।</p>
<h2>मौसम की मार का किसानों पर पड़ रहा असर</h2>
<p>प्रोग्रेसिव गोवर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ठ ने बताया कि कुदरत की मार किसानों बागवानों को झेलने पड़ रही है। सेब के बागीचों में जहां अभी तक 70 प्रतिशत चिलिंग प्रक्रिया पूरी हो जाया करती थी।</p>
<p>तो वहीं दूसरी ओर से अभी तक सेब के बागीचों में 50 प्रतिशत चिलिंग ऑवर भी पूरे नहीं हुए है। इसका सेब की फसल पर काफी प्रभाव पड़ेगा, अगर सेब के पौधों के लिए अनिवार्य चिलिंग आवर्स पूरे नहीं होते हैं।</p>
<h2>माइनस की बजाए 3-5 डिग्री तापमान</h2>
<p>चिलिंग प्रक्रिया का पूरा होना काफी जरूरी है। इस प्रक्रिया के पूरे हो जाने से अगले वर्ष की सेब की फसल पर काफी ज्यादा असर पड़ता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अब तक शिमला के ज्यादात्तर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान जहां माइनस में चल रहा होता था, तो वहीं इस बार यह तापमान 3 से 5 डिग्री तक है। इसके अलावा आग की घटनाओं से भी तापमान बढ़ रहा है। इससे वायुमंडल में एक परत बन रही है। यह परत मौसम को भी प्रभावित कर रही है।</p>
<h2>आने वाले दिनों में बढ़ सकती है किसानों की परेशानी</h2>
<p>लोकेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि बारिश-बर्फबारी न होने के कारण सेब के पौधों में काफी ज्यादा बीमारियों का असर पर पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण सेब के पौधों में लगने वाली वूली एफिड, कैंकर और अन्य फसलों पर प्राकृतिक नियंत्रण हो जाता था।</p>
<p>ऐसे में इस बार बर्फबारी न होने के कारण यह बीमारियां भी काफी ज्यादा पनप रही है। ऐसे में अगर आने वाले समय में भी मौसम ऐसा ही बना रहता हैं तो फिर किसानों-बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<h2>मानवीय भूल से लग रही आग</h2>
<p>बागवानों का कहना है कि अपर शिमला की पहाड़ियों में आग लगने के ज्यादात्तर कारण मानवीय भूलें है। सूखे मौसम में बागवानों ने बागीचों में प्रूनिंग का ज्यादातर कार्य पूरा कर लिया है। ऐसे में सेब के पौधों में प्रूनिंग के दौरान निकलने वाली सेब की टहनियों व पत्तियों को बागवान आग लगा रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा झाड़ियों को जलाने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसके कारण बागीचों के साथ लगते जंगलों व घासनियों में आग पकड़ रही है। यह आग आसपास के जंगलों व घासनियों को जलाकर राख कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>

<p><a href="https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a2/">Source</a></p>]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंडोह कैंचीमोड़ विवाद सुलझाने के दिए निर्देश</title>
		<link>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%81/</link>
					<comments>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%81/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[hinditvnews]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Sep 2023 06:19:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[manali]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<category><![CDATA[मंडी]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ews of shimla]]></category>
		<category><![CDATA[news of himachal prradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news of kullu]]></category>
		<category><![CDATA[news of manali]]></category>
		<category><![CDATA[news of mandi himachal]]></category>
		<category><![CDATA[shimla weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.hinditvnews.co.in/?p=2452</guid>

					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Pandoh" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-130x130.webp 130w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" />Mandi News: मुख्य सचिव ने कैंची मोड़ विवाद सुलझाने के दिए निर्देश, दशहरा से पहले मार्ग बहाल करने की कही बात Kainchi Mod Dispute कैंची मोड विवाद को लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने एनएचएआई (NHAI) और आरटीडीसी (RTDC) को निर्देश जारी करते हुए कहा कि 10 मीटर के इस विवाद को जल्द सुलझाया जाए जिससे दशहरा तक मार्ग की बहाली की जा सके। इसके साथ ही मंगलवार को आरटीडीसी के निदेशक और एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी स्थल का निरीक्षण करेंगे। हिंदी टीवी संवाददाता, मंडी: पंडोह कैंची मोड़ को छोड़कर मंडी से मनाली तक मार्ग को तय अवधि से पहले दोतरफा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-150x150.webp" class="attachment-thumbnail size-thumbnail wp-post-image" alt="Pandoh" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-150x150.webp 150w, https://www.hinditvnews.co.in/wp-content/uploads/2023/09/pandoh-130x130.webp 130w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /><h1>Mandi News: मुख्य सचिव ने कैंची मोड़ विवाद सुलझाने के दिए निर्देश, दशहरा से पहले मार्ग बहाल करने की कही बात</h1>
<p>Kainchi Mod Dispute कैंची मोड विवाद को लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने एनएचएआई (NHAI) और आरटीडीसी (RTDC) को निर्देश जारी करते हुए कहा कि 10 मीटर के इस विवाद को जल्द सुलझाया जाए जिससे दशहरा तक मार्ग की बहाली की जा सके। इसके साथ ही मंगलवार को आरटीडीसी के निदेशक और एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी स्थल का निरीक्षण करेंगे।</p>
<p><strong>हिंदी टीवी संवाददाता, मंडी:</strong> पंडोह कैंची मोड़ को छोड़कर मंडी से मनाली तक मार्ग को तय अवधि से पहले दोतरफा बहाल करने पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों की पीठ थपथपाई है। इसके साथ ही उन्होंने एनएचएआई और आरटीडीसी के अधिकारियों को कैंची मोड़ विवाद शीघ्र सुलझाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>मुख्य सचिव के निर्देश पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी शिमला अब्दुल बासित और रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन (आरटीडीसी) के निदेशक अजय शर्मा मंगलवार को कैंची मोड़ का स्थल निरीक्षण कर विवाद को सुलझाने का प्रयास करेंगे। इससे पहले उद्योग एवं परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आरडी नजीम, एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ कैंची मोड़ में उपजे हालात का जायजा ले चुके हैं। पहले विवाद 40 मीटर पर चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच हुई कई दौर की वार्ता के बाद 10 मीटर पर विवाद रह गया है।</p>
<h2>क्या है विवाद?</h2>
<p>13 अगस्त को बादल फटने से कैंची मोड़ में फोरलेन पहाड़ सहित जमींदोज हो गया था। इससे कुल्लू जिले का संपर्क कट गया था। मार्ग बहाल करने के लिए एनएचएआई यहां करीब 100 मीटर लंबी और 41 मीटर ऊंची रिटेनिंग वाल लगा रहा है। वाल लगने से यहां मार्ग का निर्माण संभव हो पाएगा। कैंची मोड़ में ही बगलामुखी माता मंदिर के लिए 750 मीटर लंबा रोपवे बन रहा है। स्टेशन भवन बनकर तैयार हो चुका है। रिटेनिंग वाल लगाने के लिए पहाड़ की कटिंग जरूरी है।</p>
<p>आरटीडीसी अपने भवन को खतरा बता कटिंग का काम बार-बार बंद करवा रहा है। काम बाधित होने से रिटेनिंग वाल को पूरा करने में दो से ढाई माह का समय लगेगा। मुख्य सचिव ने दशहरा से पहले कैंची मोड़ बहाल करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h2>आज से क्रशर करेगा काम</h2>
<p>निर्माण सामग्री तैयार करने के लिए कुल्लू में स्थापित क्रशर शनिवार से काम करेगा। पहली अक्टूबर से कुल्लू से मनाली तक सोलिंग का काम शुरु होगा। सोलिंग की तीन परत के बाद टारिंग होने से धूल व कीचड़ आदि की समस्या समाप्त हो जाएगी। झलोगी सुरंग 11 के पास वीरवार रात भूस्खलन होने से यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।</p>
<p>एनएचएआई के परियोजना निदेशक मंडी वरुण चारी ने कहा कि कैंची मोड़ विवाद सुलझाने के लिए आरओ और आरटीडीसी के निदेशक स्थल निरीक्षण करेंगे। यहां रिटेनिंग वाल का काम पूरा करने में दो माह का समय लगेगा। विवाद के कारण काम गति नहीं पकड़ रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>

<p><a href="https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%81/">Source</a></p>]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%81/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
