हिमाचल: सरकारी स्कूलों में 5 साल में 1.59 लाख विद्यार्थी घटे

यू डाइस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पांच साल में घट गए 1.59 लाख विद्यार्थी
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 22 Oct 2026
शैक्षणिक सत्र 2021-22 में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कुल संख्या 8,31,310 थी, जो अब घटकर 6,71,542 रह गई है। इस अवधि में 1,59,768 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बीते पांच साल में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब 1.60 लाख विद्यार्थी कम हो गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कुल संख्या 8,31,310 थी, जो अब घटकर 6,71,542 रह गई है। इस अवधि में 1,59,768 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है। लगातार घटते नामांकन का असर अब स्कूलों के अस्तित्व पर भी पड़ने लगा है। कम विद्यार्थी होने के कारण सरकार को चार साल में करीब 800 प्राइमरी और मिडल स्कूल बंद करने पड़े हैं, जबकि दस से कम विद्यार्थियों वाले 826 स्कूलों का नजदीकी शिक्षण संस्थानों में विलय किया गया है। यू डाइस रिपोर्ट के अनुसार पांच साल में विद्यार्थियों की संख्या में करीब 19.2 फीसदी की गिरावट आई है। औसतन इस अवधि में सरकारी स्कूलों से हर साल करीब 32 हजार विद्यार्थी कम हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों के आधार पर शिक्षा विभाग यह निष्कर्ष नहीं निकाल रहा है कि सभी विद्यार्थी निजी स्कूलों में चले गए हैं। विभाग के अनुसार कम होती जन्म दर के कारण भी ऐसा हो रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों को सौंपे 500 भवन
स्कूल बंद होने और विलय की प्रक्रिया के बाद खाली हुए भवनों को अनुपयोगी छोड़ने के बजाय दूसरे सार्वजनिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने बंद और मर्ज हुए करीब 500 स्कूल भवन आंगनबाड़ी केंद्रों और स्थानीय ग्राम पंचायतों को सौंप दिए हैं। इससे इन भवनों का सामुदायिक जरूरतों के लिए उपयोग हो सकेगा।
60 फीसदी प्राइमरी स्कूलों में 20 से कम बच्चे
सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन की तस्वीर शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रही है। प्रदेश के करीब 60 फीसदी प्राइमरी और 65 फीसदी मिडल स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि विद्यार्थियों की कमी केवल कुछ दूरदराज के स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में संस्थानों में यह समस्या बनी हुई है।















