हिमुडा में अंजोरी कपूर सीईओ, सुरेंद्र एडवाइजर; हाईकोर्ट की अंतरिम व्यवस्था

हिमाचल: हिमुडा में अब अंजोरी कपूर होंगी सीईओ, सुरेंद्र एडवाइजर, हाईकोर्ट ने की अंतरिम व्यवस्था
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 19 Sep 2026
हाईकोर्ट ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद में एकल जज के फैसले पर पूर्ण रोक लगाने से इन्कार कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद में एकल जज के फैसले पर पूर्ण रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। एकल जज ने हिमुडा में सीईओ के पद से संबंधी 27 मई 2025 की अधिसूचना को निरस्त करते हुए नियुक्ति को गैरकानूनी ठहराकर रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपील लंबित रहने तक दोनों अधिकारियों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण अंतरिम व्यवस्था की है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के आदेश के मुताबिक अंजोरी कपूर हिमुडा की सीईओ बनी रहेंगी। वहीं, पूर्व में सीईओ बनाए गए सुरेंद्र कुमार को भी उनके पद से पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है। उन्हें हिमुडा में चीफ इंजीनियर के रूप में एडवाइजर (पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी) के तौर पर काम जारी रखने की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था अपील के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी।
यह है मामला
यह मामला हिमुडा में वरिष्ठता और उच्च पदों पर नियुक्ति से जुड़ा है। अंजोरी कपूर की ओर से अदालत में पक्ष रखा गया कि वह वरिष्ठता सूची में सुरेंद्र कुमार से काफी आगे हैं। उनके अनुसार उन्हें वर्ष 2014 में अधीक्षण अभियंता (एसई) के पद पर पदोन्नति मिली थी, जबकि सुरेंद्र कुमार को इसी पद पर 2017 में पदोन्नत किया गया। इसके बावजूद सुरेंद्र कुमार को सीईओ बना दिया गया। इस मामले में एकल जज ने 27 मई 2025 की नियुक्ति अधिसूचना को रद्द कर दिया था। एकल जज के फैसले में पदों के अपग्रेडेशन को लेकर कड़ी टिप्पणियां भी की गई थीं। खंडपीठ की ओर से दी गई व्यवस्था अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल अदालत ने अपील की सुनवाई पूरी होने तक दोनों अधिकारियों की स्थिति को लेकर व्यवस्था तय की है।















