आयुर्वेद के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज -डॉ. मुकेश शारदा यह सम्मान पाने वाले भारत के पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर

आयुर्वेद के क्षेत्र से भारत के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
रूमेटॉइड आर्थराइटिस के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा का नाम अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।
इसके साथ ही वे यह सम्मान पाने वाले भारत के पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर बन गए हैं।
देश के लिए गर्व की बात है कि आयुर्वेद के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। रूमेटॉइड आर्थराइटिस के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इसी के साथ डॉ. मुकेश शारदा आयुर्वेद के क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल डॉ. मुकेश शारदा के लिए बल्कि डॉ. शारदा आयुर्वेद संस्थान और पूरे आयुर्वेद जगत के लिए एक ऐतिहासिक पल मानी जा रही है।
डॉ. मुकेश शारदा द्वारा स्थापित डॉ. शारदा आयुर्वेद संस्थान पिछले कई वर्षों से प्रमाणिक आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से रूमेटॉइड आर्थराइटिस सहित कई जटिल बीमारियों से पीड़ित हजारों मरीजों का सफल इलाज कर रहा है। उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में इसकी शाखाएं संचालित हो रही हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए लगभग 1400 लोगों ने भाग लिया और डॉ. मुकेश शारदा को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस सम्मान से डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा किए जा रहे उपचारों पर उनका विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुकेश शारदा ने उपस्थित सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों और लोगों के विश्वास तथा समर्थन के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है। इसी विश्वास ने उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाने तक पहुंचाया है।
डॉ. मुकेश शारदा द्वारा स्थापित डॉ. शारदा आयुर्वेद संस्थान पिछले कई वर्षों से आयुर्वेदिक पद्धति से रूमेटॉइड आर्थराइटिस समेत कई जटिल बीमारियों का उपचार कर रहा है।
संस्थान के माध्यम से हजारों मरीजों को सफल उपचार मिला है। उत्तर भारत के कई शहरों में इसकी शाखाएं संचालित हो रही हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं।
हाल ही में इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए लगभग 1400 लोगों ने हिस्सा लिया और डॉ. मुकेश शारदा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।















