चंडीगढ़: पानी परियोजना पर मेयर के खिलाफ भाजपा पार्षद

Chandigarh: अपने ही मेयर के खिलाफ भाजपा पार्षदों ने खोला मोर्चा, पानी की सबसे बड़ी परियोजना पर मचा बवाल
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Wed, 05 Aug 2026
कजौली वाटर वर्क्स से सेक्टर-39 वाटर वर्क्स तक फेज-3 की 27 किलोमीटर पाइपलाइन को प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) से माइल्ड स्टील (एमएस) में बदलने की 227.70 करोड़ रुपये की परियोजना पर विवाद उठा है।
चंडीगढ़ नगर निगम की 31 जुलाई की सदन बैठक में 227.70 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना बिना चर्चा के पास किए जाने को लेकर सियासी और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है।
आम आदमी पार्टी ने निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में 227 करोड़ रुपये का प्रस्ताव टेबल एजेंडे के माध्यम से पारित कराने पर भाजपा और नगर निगम प्रशासन को घेरा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े वित्तीय प्रस्ताव को अंतिम समय में महज दो पन्नों के टेबल एजेंडे के रूप में सदन में लाकर बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करा लिया गया। मामले की शिकायत पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक से करते हुए प्रस्ताव को निरस्त कर नियमित प्रक्रिया के तहत दोबारा सदन में लाने की मांग की गई है।
आप नेताओं ने परियोजना की तकनीकी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि एजेंडे में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सेक्टर-39 और कजौली वाटर वर्क्स की किस पाइपलाइन पर काम होगा, नई पाइपलाइन डाली जाएगी या पुरानी बदली जाएगी, किस प्रकार के पाइप इस्तेमाल होंगे और मौजूदा पाइपलाइन को बदलने का तकनीकी आधार क्या है। उनका आरोप है कि 227 करोड़ रुपये की परियोजना के बावजूद ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी साझा नहीं की गई।
पार्टी ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), तकनीकी स्पेसिफिकेशन, लागत का मदवार ब्यौरा, टेंडर संबंधी जानकारी और पाइपलाइन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि विवादित एजेंडा वापस नहीं लिया गया और जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई तो पार्टी धरना-प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भविष्य में करोड़ों रुपये के वित्तीय प्रस्ताव टेबल एजेंडे के जरिए लाने पर रोक लगाने और ऐसे प्रस्ताव निर्धारित समय से पहले सभी पार्षदों को उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।















