सीएलयू मंजूरी घोटाला: परवीन-नीरज कंसल से पूछताछ, पूर्व तहसीलदारों के नाम सामने

सीएलयू मंजूरियों में खेल: रॉयल एस्टेट ग्रुप के परवीन-नीरज कंसल से पूछताछ, पूर्व तहसीलदारों के नाम आए सामने
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Tue, 02 Jun 2026
ईडी ने 29 मई को परवीन कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। एजेंसी अब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्तीय लेनदेन और सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक मामले को लेकर भी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को रॉयल एस्टेट ग्रुप मामले की जांच में बड़े सुराग हाथ लगे हैं। ग्रुप के निदेशक परवीन कंसल और नीरज कंसल से लगातार दो दिन चली पूछताछ में गमाडा से जुड़े दो पूर्व तहसीलदारों के नाम सामने आए हैं।
ईडी अब जल्द ही इन पूर्व तहसीलदारों समेत गमाडा के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को संदेह है कि चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मंजूरियों में नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों की मिलीभगत से लाभ पहुंचाया गया।
ईडी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान करीब 200 से अधिक सवाल पूछे गए। इनमें बैंक खातों में हुई एंट्री, गमाडा की बकाया देनदारियों में किन अधिकारियों का संरक्षण मिला, सीएलयू प्रक्रिया में किस स्तर पर मदद की गई और निवेशकों का पैसा किन-किन कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, जैसे अहम बिंदु शामिल रहे। ईडी को गमाडा के चार से पांच अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है।















