हरियाणा: घोषणाएं हुईं, खिलाड़ियों की डाइट मनी और 500 खेल नर्सरियों का इंतजार जारी

हरियाणा में घोषणाएं दौड़ीं: खिलाड़ी खड़े रह गए, खिलाड़ियों की डाइट मनी व 500 नई खेल नर्सरियों का इंतजार बरकरार
हिंदी टीवी, चंडीगढ़ । Published by: Megha Jain Updated Sun, 08 Feb 2026
अप्रैल 2025 से संचालित 1500 खेल नर्सरियों में से 500 सरकारी और 1000 निजी संस्थाओं व पंचायतों द्वारा संचालित हैं। निजी नर्सरियों के प्रशिक्षकों का बढ़ा हुआ वेतन और खिलाड़ियों की बढ़ी हुई डाइट मनी अभी तक जारी नहीं हो पाई है।
हरियाणा सरकार प्रदेश की खेल नीति और खिलाड़ियों के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिले पदकों का जिक्र करते हुए अक्सर अपनी पीठ थपथपाती नजर आती है लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही बयां करती है। करीब एक साल पहले खेल ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कोचों के मानदेय में वृद्धि, खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने और 500 नई खेल नर्सरियां शुरू करने की तीन प्रमुख घोषणाएं की गई थीं मगर आज भी ये तीनों घोषणाएं फाइलों में ही दौड़ रही हैं। खेल विभाग के अधिकारी और खेल मंत्री बार-बार जल्द शुरू होने का भरोसा देते हैं, लेकिन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
1500 में से 1000 निजी नर्सरियों के खिलाड़ी-कोच प्रभावित
अप्रैल 2025 से संचालित 1500 खेल नर्सरियों में से 500 सरकारी और 1000 निजी संस्थाओं व पंचायतों द्वारा संचालित हैं। निजी नर्सरियों के प्रशिक्षकों का बढ़ा हुआ वेतन और खिलाड़ियों की बढ़ी हुई डाइट मनी अभी तक जारी नहीं हो पाई है। प्रत्येक नर्सरी में औसतन 25 खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं। इस आधार पर करीब 37,500 खिलाड़ियों की डाइट मनी प्रभावित हो रही है।
खिलाड़ियों की डाइट मनी में 500 रुपये बढ़ोतरी
वर्तमान नियमों के तहत 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह डाइट मनी दी जाती है। सरकार ने इसमें 500 रुपये की वृद्धि कर क्रमशः 2000 और 2500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की थी। हालांकि बढ़ी हुई राशि अब तक लागू नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि देरी से उनके पोषण और प्रदर्शन दोनों पर असर पड़ रहा है।
गुरु द्रोण को मानदेय वृद्धि का इंतजार
कनिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये तथा वरिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये मासिक करने की घोषणा की गई थी। सोनीपत के कुश्ती कोच अजय मलिक के अनुसार, नए सत्र से बढ़े मानदेय का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इससे प्रशिक्षकों में असंतोष है।















