हाईकोर्ट: 34 साल साथ रही महिला के पक्ष में वसीयत वैध

हाईकोर्ट का अहम फैसला: 34 साल पत्नी की तरह साथ रहने वाली महिला के पक्ष में वसीयत वैध, यमुनानगर का मामला
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ । Published by: Megha Jain Updated Tue, 14 Jul 2026
मामला यमुनानगर जिले के गांव सांखेड़ा की 23 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा था। अपीलकर्ताओं का दावा था कि यह भूमि उनके पिता विशन सिंह की पैतृक संपत्ति थी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं तो कानून उनके संबंध को विवाह मानने की धारणा बनाता है।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करते हुए पाया कि 15 मार्च 1976 को पंजीकृत वसीयत भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुरूप सिद्ध की गई। वसीयत पर गवाहों के बयान विश्वसनीय पाए गए और दस्तावेज का नोटरी प्रमाणीकरण भी मौजूद था। अदालत ने कहा कि वसीयत को चुनौती देने वालों के आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं है।
पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से यह भी स्थापित होता है कि देवो लंबे समय तक विशन सिंह के साथ रहती थीं और उनकी देखभाल करती थीं। विशन सिंह ने अपने जीवनकाल में कभी भी उनके साथ संबंध से इनकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संतानहीन है तो वह अपनी सेवा करने वाले व्यक्ति के पक्ष में संपत्ति की वसीयत कर सकता है। इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है।















