हिमाचल: ज्वालामुखी मंदिर में खुद को आग लगाने वाले श्रद्धालु की मौत

हिमाचल: ज्वालामुखी मंदिर में खुद को आग लगाने वाले श्रद्धालु की टांडा में मौत, 60 फीसदी झुलस गया था
हिंदी टीवी न्यूज, ज्वालामुखी (कांगड़ा)। Published by: Megha Jain Updated Fri, 18 Sep 2026
कांगड़ा के प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी मंदिर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने वाले राजस्थान के श्रद्धालु की शुक्रवार को टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गई। श्रद्धालु ने वीरवार शाम करीब 7:30 बजे गर्भगृह के बाहर पीपल के पास कथित तौर पर खुद को आग लगा ली थी। आग में वह करीब 60 फीसदी झुलस गया था।
विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में वीरवार शाम खुद को आग लगाने वाले राजस्थान के श्रद्धालु की शुक्रवार को टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गई। श्रद्धालु ने मंदिर परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। आग की चपेट में आने से वह करीब 60 फीसदी तक झुलस गया था।
जानकारी के अनुसार वीरवार शाम करीब 7:30 बजे ज्वालामुखी मंदिर के गर्भगृह के बाहर पीपल के पास यह घटना हुई। श्रद्धालु ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़का और फिर आग लगा ली। अचानक हुई इस घटना से मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। श्रद्धालु को बचाने के बाद उसे एंबुलेंस की मदद से तत्काल उपचार के लिए ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर हालत में टांडा किया गया था रेफर
ज्वालामुखी अस्पताल में श्रद्धालु को प्राथमिक उपचार दिया गया। करीब 60 फीसदी झुलसने के कारण उसकी हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया था। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उसे टांडा पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा था। लेकिन गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालु की शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
खुद को आग लगाने की वजह तलाश रही पुलिस
डीएसपी ज्वालामुखी संजय शर्मा ने श्रद्धालु की टांडा अस्पताल में मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्रद्धालु ने मंदिर परिसर में खुद को आग लगाने जैसा कदम क्यों उठाया। घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस श्रद्धालु की पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। मंदिर परिसर में हुई इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से तत्काल बचाव कार्य किया गया था। हालांकि गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालु को बचाया नहीं जा सका।















