हिमाचल: पंचायतों में लाखों की वित्तीय गड़बड़ी, ऑडिट में शिमला-बिलासपुर-सिरमौर का खुलासा

Himachal News: हिमाचल की पंचायतों में लाखों की वित्तीय गड़बड़ी, ऑडिट में शिमला, बिलासपुर और सिरमौर का खुलासा
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 22 Jun 2026
हिमाचल प्रदेश की पंचायतों के वर्ष 2024-25 के ऑडिट में शिमला, बिलासपुर और सिरमौर जिलों की पंचायतों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। ऑडिट रिपोर्ट में लाखों रुपये के अनुपयोगी अनुदान, बिना टेंडर खरीद, अनियमित भुगतान, स्टॉक रजिस्टर में रिकॉर्ड की कमी और मनरेगा नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में वर्ष 2024-25 के ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। शिमला, बिलासपुर और सिरमौर जिलों की पंचायतों में लाखों रुपये के अनुदान का उपयोग, अनियमित भुगतान और दस्तावेजों में खामियां पाई गई हैं। कहीं बगैर टेंडर के भारी खरीद कर दी तो कहीं अनुदान का उपयोग ही नहीं हुआ।
राज्य लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिला सिरमौर की पंचायत रास्त में 20.46 लाख रुपये के अनुदान का उपयोग ही नहीं किया गया, जबकि लाखों की अनुदान राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए। पंचायत रास्त के ऑडिट में रोकड़ बही व बैंक खातों के शेष में 1.25 लाख का अंतर पाया गया।
ग्रामीणों से 43,000 रुपये का गृहकर वसूल नहीं हुआ। हजारों रुपये का विवाह पंजीकरण शुल्क सरकारी कोष में जमा नहीं करवाया। शिमला जिले की पंचायत चलाहल में 2.54 लाख का रोकड़ बही अंतर व 20.60 लाख के अनुपयोगी अनुदान मिले। 1.40 लाख की सामग्री बिना निविदा खरीदी और 2.23 लाख की सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं था।















