हिमाचल मौसम: अप्रैल में भी बर्फबारी, इस दिन तक खराब रहेगा मौसम

Himachal Weather: हिमाचल में शुरू हुई बर्फबारी, अप्रैल में भी नहीं जा रही सर्दी; इस दिन तक खराब रहेगा मौसम
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 08 Apr 2026
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को अटल टनल में बर्फबारी शुरू हो चुकी है। वहीं, शिमला में रात से बारिश हो रही है जो रुकने का नाम नहीं ले रही है। मौसम एकदम ठंडा हुआ है और लोगों को हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राजधानी शिमला में मंगलवार रात से बारिश हो रही है। वहीं, बुधवार को अटल टनल समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। कुल्लू अटल टनल रोहतांग सहित लाहौल के रिहायशी इलाकों में देर रात से बर्फबारी का क्रम जारी है। कुल्लू में मंगलवार रात से बारिश हो रही है। बारिश के चलते कुल्लू में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मनाली से केलांग के बीच फोर बाई फोर वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों की आवाजाही रूक गई है। बारिश के चलते कुल्लू में 40 से अधिक ट्रांसफार्मर और 16 सड़कें बंद हैं।
वहीं, ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को रोहतांग दर्रा सहित भरमौर और पांगी की चोटियों पर बर्फबारी हुई। शिमला में दोपहर बाद बादल बरसे। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार को बादल छाए रहे। हवाएं चलने से फिर ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में मंगलवार को सोमवार के मुकाबले सात से आठ डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हुई। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिला के कई क्षेत्रों में बुधवार को अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश में नौ अप्रैल को भी मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। दस अप्रैल को धूप खिलने की संभावना है। 11 से 13 तक फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कई जगह बारिश, बर्फबारी और अंधड़ के आसार हैं।
मंगलवार दोपहर बाद 13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। बीआरओ ने ग्रांफू-काजा सड़क की बहाली का कार्य शुरू किया हुआ है। वाहन मंगलवार को अटल टनल रोहतांग से कोकसर पहुंचे। जिला चंबा में भरमौर और पांगी की ऊपरी चोटियों में 7 से लेकर 17 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। वहीं, निचले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश का क्रम जारी रहा। मौसम के बदले मिजाज ने ठंड बढ़ा दी है। जिले में मंगलवार को पांगी-सलूणी में दो सड़कें बंद रहीं। नौ ट्रांसफार्मर बंद होने से 45 गांवों में अंधेरा पसरा रहा। विभागीय टीमें पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के कार्य में जुटी हुई हैं। पांगी के कणू नाला के पास भूस्खलन के बाद जाम लगा हुआ है। ऊना, नाहन और सोलन जिला में भी दोपहर के समय हल्की बारिश हुई। सोमवार रात को कुकुमसेरी-कल्पा में न्यूनतम तापमान 0.4, ताबो में 1.1, मनाली में 5.5, शिमला में 8.0, सोलन में 8.5, धर्मशाला में 11.2, नाहन में 12.0, मंडी में 12.1, कांगड़ा में 13.2, ऊना में 13.7 और बिलासपुर में 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
| क्षेत्र | अधिकतम तापमान |
| कांगड़ा | 26.0 |
| मंडी | 24.8 |
| नाहन | 24.3 |
| ऊना | 23.6 |
| धर्मशाला | 22.0 |
| सोलन | 18.5 |
| मनाली | 18.2 |
| शिमला | 15.2 |
ऊपरी शिमला के कई क्षेत्रों में अप्रैल में बर्फबारी हुई है। निचले क्षेत्रों बीती रात से लगातार बारिश जारी है। बुधवार सुबह नारकंडा, चौपाल के बागी में ताजा हिमपात हुआ। किनौर की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ है। जबकि कल्पा, रिकांगपिओ, सांगला में बारिश जारी है। कुल्लू के जलोड़ी जोत में भी बर्फबारी हुई है। इस बारिश और बर्फबारी ने शिमला के बागवानों पर कहर ढहाया है। इस दिनों सेब के पेड़ों पर फूल आ रहे हैं। इस बारिश और बर्फबारी से उनके झड़ने की आशंका है, जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा।
ऊना जिले भर में मंगलवार रात से बारिश का दौर जारी है। बुधवार सुबह भी कुछ घंटे के लिए बारिश रुकने के बाद दोपहर के समय फिर से बारिश शुरू हो गई। इससे बीते दो दिनों से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। लोगों ने एक बार फिर से गर्म कपड़ों का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश होने की संभावना जताई है।
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत मंडी-पंडोह मार्ग पर आज सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जागर नाला के समीप सड़क किनारे बना विशालकाय डंगा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे करीब 30 मीटर सड़क हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह डंगा हाल ही में निर्माणधीन फोरलेन परियोजना के तहत लगाया गया था, लेकिन बरसात शुरू होने से पहले ही इसका गिरना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है इसी स्थान पर पहले भी डंगा गिर चुका है, जिसे कंपनी द्वारा दोबारा बनाया गया था। बावजूद इसके, दोबारा इतनी जल्दी ढह जाना साफ तौर पर लापरवाही को दर्शाता है। घटना के बाद आसपास के अन्य डंगों में भी दरारें पड़ गई हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। सड़क किनारे रहने वाले लगभग 20 परिवारों के घरों पर संकट मंडरा रहा है। लोगों में भारी दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने निर्माण कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रोष जताया है और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीण सूरत राम ने कहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि प्रभावित क्षेत्र का तुरंत निरीक्षण कर सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित किया जाए और दोषी ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस बारे के एम सी कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सत्या से बात कि गई तों उन्होंने बताया कि इस जगह मिट्टी कि सेटलमेंट हो रही है जिस कारण डंगा गिरा है। इसे हम विशेषज्ञयो से विचार विमर्श करके नए सिरे से लगवाएंगे।















