हिमाचल: रेव पार्टियों पर HC सख्त, मौके के निरीक्षण के आदेश

Himachal: रेव पार्टियों पर हाईकोर्ट सख्त, डीएलएसए सचिव को मौके का दौरा करने का आदेश, जानें कोर्ट के बड़े फैसले
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Tue, 16 Jun 2026
हाईकोर्ट ने कुल्लू स्थित कसोल, जीभी और मनाली में पर्यटन के नाम पर करवाई जा रहीं रेव पार्टियों और सरेआम ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू स्थित कसोल, जीभी और मनाली में पर्यटन के नाम पर करवाई जा रहीं रेव पार्टियों और सरेआम ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता और पुलिस के दावों में विरोधाभास को देखते हुए वेकेशन न्यायाधीश रोमेश वर्मा की अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव कुल्लू को निर्देश दिया है कि वह स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से तुरंत उस जगह का दौरा करें। 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपें। अदालत ने डिप्टी कमिश्नर और एसपी कुल्लू को व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने को कहा गया है। अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि आदेश की प्रति तुरंत संबंधित अधिकारियों को भेजी जाए।
मामले की अगली सुनवाई अब 18 जून को तय बेंच के समक्ष होगी। अदालत ने इस मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए सुनवाई की और स्थानीय प्रशासन व पुलिस से सख्त लहजे में जवाब तलब किया है। सुनवाई से पहले कुल्लू और मंडी के पुलिस अधीक्षकों ने अदालत में जो हलफनामा दाखिल किया है, उसमें बताया गया है कि उनके जिलों में रेव पार्टियों को लेकर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और पुलिस स्थिति पर पूरी निगरानी रख रही है। हालांकि, हाल ही में एक समाचार पत्र में छपी खबर और तस्वीरों को अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया है। इसके मुताबिक कसोल में 7 जून से 11 जून, 2026 तक 4 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें लगभग 10 हजार लोग शामिल होने की संभावना बताई गई। इसके मुख्य आयोजक भी इस्राइली नागरिक बताए जा रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने पहले से ही हिमालयन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन सोसायटी कुल्लू की ओर से अदालत को लिखे गए एक पत्र के संज्ञान लिया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इन हाई-प्रोफाइल पार्टियों को रसूखदार लोगों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना ऐसी पार्टियां आयोजित करना मुमकिन नहीं है, जहां एंट्री टिकट 5 हजार से शुरू होकर 7 लाख रुपए तक जाते हैं। इन पार्टियों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी मौजूद हैं और वहां ड्रग्स खुलेआम उपलब्ध होने की बात कही गई है।














