हिमाचल हाईकोर्ट: तृतीय श्रेणी कर्मियों को दैनिक वेतन सेवा के आधार पर पेंशन का लाभ

Himachal: हाईकोर्ट ने कहा- तृतीय श्रेणी कर्मी को भी मिले दैनिक वेतन भोगी सेवा के आधार पर पेंशन का लाभ
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 11 Apr 2026
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि केवल चतुर्थ श्रेणी ही नहीं, बल्कि तृतीय श्रेणी के कर्मचारी भी दैनिक वेतन भोगी के रूप में की गई सेवा को पेंशन के लिए गणना में शामिल कराने के हकदार हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि केवल चतुर्थ श्रेणी ही नहीं, बल्कि तृतीय श्रेणी के कर्मचारी भी दैनिक वेतन भोगी के रूप में की गई सेवा को पेंशन के लिए गणना में शामिल कराने के हकदार हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने गंधो राम बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता 1991 में डलहौजी मंडल के चवारी में दैनिक वेतन भोगी राजमिस्त्री के रूप में भर्ती हुए। 2001 में उन्हें वर्क चार्ज स्टेटस मिला और 2003 में सेवाएं नियमित की गईं।
जून 2010 में सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग ने उन्हें पेंशन देने से यह कहकर मना कर दिया था कि उनकी नियमित सेवा 10 वर्ष से कम (9 वर्ष 6 महीने)है। सरकार ने दलील दी थी कि सुप्रीम कोर्ट के सुंदर सिंह और बालो देवी मामलों के फैसले केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर लागू होते हैं। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि 5 साल की दैनिक भोगी सेवा को 1 साल की नियमित सेवा के बराबर माना जाना चाहिए। कोर्ट ने रूप लाल और लच्छी देवी मामलों का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून अब स्थापित हो चुका है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को भी दैनिक वेतन भोगी सेवा का लाभ पेंशन के लिए मिलना चाहिए।
याचिकाकर्ता की 10 साल की दैनिक सेवा को 2 साल की नियमित सेवा मानकर जब उनके 9 साल 6 महीने के कार्यकाल में जोड़ा गया, तो उनकी कुल सेवा 10 वर्ष से अधिक हो गई, जिससे वह पेंशन के पात्र बन गए। अदालत ने प्रतिवादी राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को 1 जनवरी 2018 से पेंशन का बकाया राशि का भुगतान तीन महीने के भीतर किया जाए। मई 2026 से याचिकाकर्ता को नियमित मासिक पेंशन का भुगतान करें। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सेवा अवधि की गणना केवल पेंशन पात्रता के लिए की जाएगी, अन्य किसी लाभ जैसे वेतन वृद्धि के लिए नहीं। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर 4 अप्रैल को एक नोटिफिकेशन जारी की है।















