Shimla: हिमाचल में नगर निकाय दुकानों का किराया बढ़ेगा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मार्केट रेट से कम पर आवंटित नगर निकायों की दुकानों का बढ़ेगा किराया
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sun, 15 Feb 2026
हिमाचल प्रदेश सरकार नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की दुकानों के लिए नई लीज नीति ला रही है। पुराने किराये के कारण निकायों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में मार्केट रेट से कम पर आवंटित नगर निकायों की दुकानों का किराया बढ़ेगा। राज्य सरकार नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की दुकानों के लिए नई लीज नीति ला रही है। इसके तहत प्रदेश के 71 शहरी निकायों की करीब 9,000 दुकानों और स्टालों के किराये का अब नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन होगा। सरकार का उद्देश्य शहरी निकायों के राजस्व में बढ़ोतरी करना और डेड रेंट यानी बेहद कम किराये पर चल रही संपत्तियों को बाजार की दर से जोड़ना है।
हिमाचल में पांच नगर निगम, 29 नगर परिषद और 37 नगर पंचायतें हैं। इन निकायों के पास आय के मुख्य स्रोत के रूप में अपनी व्यावसायिक संपत्तियां हैं। सरकार के अनुसार कई प्राइम लोकेशन वाली दुकानें दशकों पुराने लीज एग्रीमेंट पर चल रही हैं, जिनका मासिक किराया महज 100 से 500 रुपये है। हालांकि, नई दुकानों का औसत किराया 1,500 से 5,000 रुपये के बीच है, लेकिन पुराने किराये के कारण निकायों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब इन सभी डेड रेंट संपत्तियों के किराये में संशोधन के लिए नई लीज नीति का खाका तैयार किया जा रहा है।















