Himachal: फर्जी दस्तावेजों से खाली MBBS सीट, योग्य छात्रा को मिलेगा प्रवेश आदेश

Himachal: फर्जी दस्तावेजों के कारण खाली एमबीबीएस सीट पर योग्य छात्रा को प्रवेश देने का आदेश
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)। Published by: Megha Jain Updated Sat, 11 Apr 2026
शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों में मेडिकल की सीटें राष्ट्रीय संसाधन हैं, जिन्हें प्रशासनिक सुस्ती या धोखाधड़ी के कारण बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें एक योग्य छात्रा को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश देने के हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों में मेडिकल की सीटें राष्ट्रीय संसाधन हैं, जिन्हें प्रशासनिक सुस्ती या धोखाधड़ी के कारण बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता। न्यायाधीश जेके माहेश्वरी और न्यायाधीश अतुल एस चांदुरकर की पीठ ने कहा कि सरकारी संस्थानों में मेडिकल की सीटें जन विश्वास की धरोहर हैं।
मेडिकल की सीटें किसी व्यक्ति का निजी लाभ नहीं, बल्कि राष्ट्र की अनमोल संपत्ति हैं। प्रशासनिक सुस्ती के कारण किसी योग्य छात्र के करिअर की बलि नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रवेश की समयसीमा (कट ऑफ डेट) प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए है, न कि किसी योग्य उम्मीदवार के अधिकारों का गला घोंटने के लिए। यदि किसी सीट पर धोखाधड़ी से कब्जा किया गया है, तो अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे उसे तुरंत मेरिट सूची के अगले उम्मीदवार को प्रदान करें।















