हिमाचल: हाईकोर्ट सख्त सरकार पर ₹25 हजार का अतिरिक्त जुर्माना

Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का कड़ा रुख, सरकार पर 25 हजार का अतिरिक्त जुर्माना; जानें क्या है मामला
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 25 Apr 2026
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार पर 25 हजार का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। मामला जिला बिलासपुर के सरस्वती संस्कृत कॉलेज डंगार के कर्मचारी अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला बिलासपुर के सरस्वती संस्कृत कॉलेज डंगार के कर्मचारी अधिग्रहण पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कड़े शब्दों में कहा कि यह मुकदमेबाजी का तीसरा दौर है, जो पूरी तरह अनावश्यक था। सरकार का कर्तव्य है कि वह अपने ही नियमों और अधिसूचनाओं का पालन करे, न कि अपने कर्मचारियों को बार-बार अदालतों के चक्कर काटने के लिए मजबूर करे।
फैसले में स्पष्ट कहा गया है कि अधिग्रहण की तारीख ही महत्वपूर्ण है। 25 अगस्त 1994 की अधिसूचना के क्लॉज-7 के तहत, पात्रता के लिए 17 जून 2021 (टेकओवर की तारीख) ही प्रासंगिक है। एकल पीठ ने पहले ही सरकार पर 25,000 का जुर्माना लगाया था। खंडपीठ ने इस अपील को पूरी तरह से गलत मानते हुए सरकार पर 25 हजार का अतिरिक्त जुर्माना लगा दिया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार अपनी ही नीतियों और अदालती फैसलों से बंधा हुई है। सरकारी अधिकारियों द्वारा बिना सोचे-समझे कानूनी आदेशों की व्याख्या करना और बार-बार अपील करना अदालती समय की बर्बादी है। राज्य सरकार ने 17 जून 2021 को इस कॉलेज को अपने नियंत्रण में लिया था। नियम के अनुसार जो कर्मचारी अधिग्रहण की तारीख से एक वर्ष पहले से वहां कार्यरत थे, उन्हें सरकारी सेवा में शामिल किया जाना था।
अदालत ने कहा कि यह राज्य सरकार की ओर से अपनी एड़ियां रगड़ने और जानबूझकर कानूनी स्पष्टता के बावजूद मामले को लटकाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। कोर्ट ने पाया कि इसी विषय पर एक खंडपीठ पहले ही सुनील कुमार बनाम राज्य मामले में 31 मई 2024 को फैसला सुना चुकी थी। इसके बावजूद सरकार ने आदेशों की अवहेलना की और कर्मचारियों की पात्रता को गलत तरीके से निरीक्षण की तारीख से जोड़ा, जबकि नियम अधिग्रहण की तारीख की बात करते हैं।















