Himachal: स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच में उत्तरपुस्तिकाओं से छेड़छाड़ का खुलासा, मामला निदेशालय पहुंचा।

Himachal: स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच में भी खुलासा, उत्तरपुस्तिकाओं से हुई छेड़छाड़, निदेशालय भेजी फाइल
हिंदी टीवी, धर्मशाला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 20 May 2026
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2025 की वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता को केंद्र व क्लेक्शन सेंटर बनाया था।
बिलासपुर के बहुचर्चित उत्तरपुस्तिका छेड़छाड़ मामले में फोरेंसिक लैब के बाद अब स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच कमेटी की रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा हुआ है। कमेटी ने माना है कि छात्राओं की उत्तरपुस्तिकाओं के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी। बोर्ड ने अब इस रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए शिक्षा निदेशालय को भेज दिया है। चूंकि संबंधित शिक्षक शिक्षा विभाग के अधीन आते हैं, इसलिए माना जा रहा है कि कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों सहित अन्य जिम्मेदारों पर जल्द ही बड़ी गाज गिर सकती है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2025 की वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता को केंद्र व क्लेक्शन सेंटर बनाया था। इसके तहत राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा की छात्राओं ने परीक्षा दी थी। जब परीक्षा परिणाम आया तो हैरान करने वाली बात सामने आई। मेधावी छात्राओं के ड्राइंग को छोड़कर अन्य सभी विषयों में 90 प्रतिशत से अधिक अंक थे, जबकि ड्राइंग में महज 70 से 72 अंक ही दिए गए थे। परिणाम से असंतुष्ट छात्राओं ने पहले पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया, लेकिन उसमें भी केवल एक अंक बढ़ा।
इसके बाद छात्राओं ने आरटीआई के तहत अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकॉपी निकलवाई। कॉपी देखते ही उनके होश उड़ गए। उत्तरपुस्तिकाओं में उनके सही उत्तरों को पेन से काटकर किसी ने जानबूझकर गलत उत्तर लिख दिए थे। इसके विरोध में छात्राओं ने बिलासपुर में उपमंडल स्तर पर प्रदर्शन किया और नवंबर 2025 में बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा बोर्ड ने 9 विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को जांच के लिए फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेजा था। एफएसएल की रिपोर्ट में भी कॉपियों से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई थी। इसके बाद बोर्ड ने एक आंतरिक जांच कमेटी गठित की थी। अब इस कमेटी ने भी अपनी मुहर लगा दी है।
फोरेंसिक विभाग की रिपोर्ट के बाद शिक्षा बोर्ड ने जो टीम गठित की थी, उसने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में भी उत्तरपुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की बात पूरी तरह सही पाई गई है। आगामी कार्रवाई के लिए इस रिपोर्ट की फाइल को अब संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एक्शन हेतु शिक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है। -डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला















