योगी की समीक्षा: ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, कर विभाग में अनावश्यक देरी खत्म करने के निर्देश

UP: योगी ने की राज्य कर विभाग की समीक्षा, बोले- ईमानदार व्यापारियों को मिले सुविधा, अनावश्यक विलंब समाप्त हो
हिंदी टीवी न्यूज,लखनऊ Published by: Megha Jain Updated Mon, 25 May 2026
प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में घंटों कटौती से लोग परेशान हैं और उपकेंद्रों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कर्मचारियों के झुलसने की घटनाएं भी सामने आईं। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य कर विभाग को निर्देश दिए हैं कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा।’
सोमवार को राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कर प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिले, अपील निस्तारण और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी समाप्त होनी चाहिए।
उन्होंने व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, छोटे कारोबारियों को जागरूक करने तथा जिला एवं खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर कर चोरी रोकने के साथ-साथ वैध व्यापार को प्रोत्साहन देना आवश्यक है।
जीएसटी में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने जीएसटी और वैट मद में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत रहा। जीएसटी में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र प्रथम और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे।
बैठक में यह भी बताया गया कि जीएसटी बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो गत वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें जीएसटी का लक्ष्य 1,49,956 करोड़ रुपये तथा वैट का लक्ष्य 48,115 करोड़ रुपये है। अप्रैल 2026 में राज्य ने 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है।
















